उत्तराखंड: नए साल में स्वास्थ्य विभाग नहीं देगा मुफ्त दवा!
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नए साल से मुफ्त जेनेरिक दवा की उम्मीदों को झटका लग सकता है। स्वास्थ्य विभाग बेशक एक जनवरी से सभी जेनेरिक दवाएं मुफ्त बांटने का दावा कर रहा हो लेकिन इसके लिए अभी तक तैयारियां नहीं हो सकी है।
आलम यह है कि दवाओं की खरीद के लिए जिलों में अभी टेंडर तक नहीं हुए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब दवाएं खरीदी ही नहीं तो मुफ्त कहां से बांटी जाएगी। सरकार नए साल से सभी जेनेरिक दवा और कई जांचें निशुल्क करने का दावा कर रही है।
दावा किया जा रहा है मुफ्त दवा एक जनवरी से वितरित की जाएगी। जबकि सच्चाई तो यह है कि अभी तक सरकार ने दवाओं की खरीद तक नहीं की है। नई औषधी क्रय नीति के अनुसार दवाओं की खरीद के लिए जिलों में अभी तक टेंडर नहीं हुए हैं।
टेंडर प्रक्रिया में कोई कंपनी नहीं दिखा रही दिलचस्पी
हालांकि स्वास्थ्य विभाग केंद्र सरकार की 103 दवाओं की खरीद के लिए टेंडर की जरूरत ना होने और डीजी कार्यालय से दवाओं की खरीद का रास्ता साफ होने का दावा कर रहा है।
नई औषधी क्रय नीति के मुताबिक निर्धारित मूल्य से 23 फीसदी कम पर दवाओं की खरीद होनी है। ऐसे में जिला स्तर पर टेंडर प्रक्रिया में किसी भी कंपनी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसके कारण अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई है।
इसका असर अस्पतालों में देखा भी जा रहा है, जहां आए दिन दवा व अन्य जरूरी सामान की कमी सामने आ रही है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. आरपी भट्ट ने बताया कि ज्यादातर दवाओं की खरीद हो रही है। अन्य दवाओं की खरीद भी जल्द कर ली जाएगी।