असली डॉक्टर को बंधक बनाकर बीए पास चला रहा था अस्पताल, ऐसे हुआ भंडाफोड़
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ऐसा फर्जीवाड़ा शायद ही आपने सुना होगा। असली डॉक्टर को बंधक बनाकर बीए पास युवक लंबे समय से एक अस्पताल चला रहा था। कैसे हुआ इसका भंडाफोड़, जानिए बड़ा दिलचस्प है...
बिहार, पटना जिले के गांव पीरापुर जंदाह वैशाली निवासी सुनैना शर्मा अपनी बेटी अराधना शर्मा व डा. गौतम के साथ मंगलवार सुबह कलियर थाने पहुंची। इसने पुलिस को बताया कि उसके बेटे डा. ओपी शर्मा को कलियर-बेडपुर चौक स्थित गोल्ड लाइफ अस्पताल के संचालक फिरोज खान (निवासी तेजहल हेड़ा, थाना-छपार, मुजफ्फरनगर) ने बंधक बनाकर रखा है।
बेटा 13 जुलाई को अपनी एमबीबीएस डिग्री के ऑरिजनल सर्टिफिकेट लेने अस्पताल पहुंचा था। इस पर सीओ रुड़की स्वप्न किशोर सिंह, थानाध्यक्ष देवराज शर्मा ने पुलिस टीम के साथ अस्पताल में छापा मारा तो कमरे में बंद डा. ओपी शर्मा को मुक्त कराया। उसके बाद संचालक डा. फिरोज खान और उसके साथी दिलशाद निवासी दादूबास को गिरफ्तार किया।
थानाध्यक्ष देवराज शर्मा ने बताया कि अस्पताल संचालक के पास अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं है। पूरा अस्पताल एक गेस्टहाउस में चल रहा है। संचालक अपने नाम के आगे डाक्टर लिखता है, लेकिन उसके पास डाक्टर की डिग्री नहीं है।
बंधक बनाए गए डॉक्टर की आपबीती
बंधक बनाए गए डा. ओपी शर्मा ने बताया कि वह जनवरी में हरिद्वार आया था। यहां आकर उसे पता चला कि गोल्ड लाइफ अस्पताल में डाक्टर की आवश्यकता है। संपर्क करने पर अस्पताल संचालक फिरोज खान ने उससे ऑरिजनल प्रमाण पत्र मंगाकर अच्छी सैलरी का झांसा देकर रख लिया।
लेकिन दो माह तक सैलरी न मिलने पर उसने अस्पताल छोड़ दिया, लेकिन संचालक ने सर्टिफिकेट नहीं दिए। इसके लिए वह कई बार अस्पताल आया। 13 जुलाई को फिर साथी डा. गौतम के साथ सर्टिफिकेट लेने पहुंचा, लेकिन फिरोज ने उसे बंधक बना दिया जबकि दोस्त को वापस भेज दिया।
बिहार पहुंचे डा. गौतम की सूचना पर परिजन रुड़की पहुंचे। सीओ रुड़की स्वप्न किशोरी सिंह ने बताया अस्पताल के संबंध में सीएमओ हरिद्वार को रिपोर्ट भेज दी है। आरोपी फिरोज खान और दिलशाद के खिलाफ धारा-420, 342 एवं 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।