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पेट्रोल की कीमत बढ़ी तो गैराज वाले ने निकाला तोड़, बनाई अनोखी बाइक

Mon, 19 Sep 2016 08:34 AM IST
मेहताब आलम/ अमर उजाला, हरिद्वार
मेहताब आलम/ अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 19 Sep 2016 08:34 AM IST
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four stroke engine bike control pollution
bike

रुड़की के चार युवाओं ने सिक्स स्ट्रोक बाइक के लिए ऐसा इंजन बनाने का दावा किया है, जो फोर स्ट्रोक के मुकाबले दोगुना माइलेज देगा और जिससे प्रदूषण भी कम होगा। टीम ने नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआरडीसी) के सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन दिया है।

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रुड़की में गैराज चलाने वाले अथर खान के दिमाग में करीब डेढ़ साल पहले लगातार बढ़ रही पेट्रोल की कीमतों से परेशान लोगों को निजात दिलाने और कुछ नया करने का विचार आया।
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इसके बाद उन्होंने सिक्स स्ट्रोक इंजन बनाने की ठानी और अपने मैकेनिक दोस्त मोहम्मद नौशाद, इंजीनियर गौरव गोयल व इंजीनियरिंग की कोचिंग चलाने वाले राहुल वशिष्ठ के साथ काम करना शुरू किया।
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प्रयोग अथर की 100 सीसी बाइक पर शुरू हुआ और माइलेज 50 से 100 किलोमीटर प्रति लीटर से अधिक पहुंचाने में सफलता मिली। बाद में बाइक लेकर सभी रुड़की आईआईटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष आरपी कक्कड़ के पास पहुंचे। 

महज 10 से 15 हजार तक महंगी होगी ये बाइक

four stroke engine bike control pollution
athar

उन्होंने इस प्रयास की सराहना की और आगे बढ़ने को प्रोत्साहित किया। इसके बाद इस टीम ने अपना आइडिया पेटेंट कराया और एनआरडीसी में आवेदन किया। इंजन का मॉडल तकनीकी परीक्षण के लिए स्वीकृत कर लिया गया है।

अब गुड़गांव के मानेसर स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नॉलोजी (आईकैड) में इंजन का परीक्षण होना है। सत्ती मुहल्ला निवासी अथर के दादा महमूद खान और पिता शाहनजर खान भी मैकेनिक थे।

अथर के मुताबिक पुरानी बाइक के फोर स्ट्रोक इंजन को सिक्स स्ट्रोक में बदलने के लिए 10 से 15 हजार रुपये खर्च आया। नई बाइक फोर स्ट्रोक इंजन के मुकाबले महज 10 से 15 हजार तक महंगी होगी, जिसकी कीमत की भरपाई ईंधन की बचत से हो जाएगी। अथर की मानें तो यह तकनीक पेट्रोल और डीजल दोनों पर कारगर है। कार और ट्रक जैसे वाहनों में भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

‘अथर और उनकी टीम का आइडिया शानदार है। यह इंजन हाइब्रिड तकनीक पर आधारित है, जिसका कुछ हिस्सा बैट्री से चलेगा। इससे ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण कम होगा।’
- आरपी कक्कड़ (अध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी रुड़की)

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