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Dehradun News: कारोबारी से ठगे चार लाख रुपये
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IIसीसीआई सीमेंट का विक्रेता बनाने का दिया था प्रलोभन
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Iइंजीनियर्स एन्क्लेव के रहने वाले कारोबारी रितिक अग्रवाल को सीमेंट विक्रेता बनाने के नाम पर 4.08 लाख रुपये ठग लिए गए। ठगों ने खुद को सीसीआई सीमेंट का विक्रय प्रमुख बताया था। कंपनी में डीलर कोड खुलवाने और सीमेंट भेजने के नाम पर यह रकम ठगी गई।
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Iइंस्पेक्टर वसंत विहार प्रदीप रावत ने बताया कि रितिक अग्रवाल एलीट बिल्डिंग सॉल्यूशन नाम की फर्म चलाते हैं। इस फर्म के माध्यम से वह निर्माण सामग्री बेचते हैं। गत पांच जून को रितिक अग्रवाल को किसी सोमेश अग्रवाल नाम के व्यक्ति का फोन आया था। सोमेश ने खुद को सीमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) का विक्रय प्रमुख बताते हुए उन्हें डीलर बनने के सारे नियम कायदे बताए। इसके लिए उनसे दस्तावेज मांगे गए। दस्तावेज जुटाकर रितिक अग्रवाल ने सोमेश अग्रवाल को भेज दिए।
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Iइसके बाद एक लाख रुपये कोड खुलवाने के लिए दिए गए। इस बीच रितिक अग्रवाल को 575 सीमेंट बैग का ऑर्डर मिला। इसके लिए उन्होंने ढाई लाख रुपये बताए गए बैंक खाते में जमा करा दिए। अगले दिन उन्हें 225 बैग का ऑर्डर मिला। इसमें भी उन्होंने एडवांस 58 हजार रुपये खाते में भेज दिए, लेकिन कई दिनों तक सीमेंट लेकर कोई नहीं पहुंचा। इस पर उन्होंने ईसी रोड स्थित सीसीआई के कार्यालय में जानकारी की।
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Iपता चला कि सोमेश नाम का कोई भी विक्रय प्रमुख कंपनी में नहीं है। इंस्पेक्टर रावत ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद खातों और मोबाइल नंबर की जांच की जा रही है।I
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IIसीसीआई सीमेंट का विक्रेता बनाने का दिया था प्रलोभन
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Iइंजीनियर्स एन्क्लेव के रहने वाले कारोबारी रितिक अग्रवाल को सीमेंट विक्रेता बनाने के नाम पर 4.08 लाख रुपये ठग लिए गए। ठगों ने खुद को सीसीआई सीमेंट का विक्रय प्रमुख बताया था। कंपनी में डीलर कोड खुलवाने और सीमेंट भेजने के नाम पर यह रकम ठगी गई।
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Iइंस्पेक्टर वसंत विहार प्रदीप रावत ने बताया कि रितिक अग्रवाल एलीट बिल्डिंग सॉल्यूशन नाम की फर्म चलाते हैं। इस फर्म के माध्यम से वह निर्माण सामग्री बेचते हैं। गत पांच जून को रितिक अग्रवाल को किसी सोमेश अग्रवाल नाम के व्यक्ति का फोन आया था। सोमेश ने खुद को सीमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) का विक्रय प्रमुख बताते हुए उन्हें डीलर बनने के सारे नियम कायदे बताए। इसके लिए उनसे दस्तावेज मांगे गए। दस्तावेज जुटाकर रितिक अग्रवाल ने सोमेश अग्रवाल को भेज दिए।
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Iइसके बाद एक लाख रुपये कोड खुलवाने के लिए दिए गए। इस बीच रितिक अग्रवाल को 575 सीमेंट बैग का ऑर्डर मिला। इसके लिए उन्होंने ढाई लाख रुपये बताए गए बैंक खाते में जमा करा दिए। अगले दिन उन्हें 225 बैग का ऑर्डर मिला। इसमें भी उन्होंने एडवांस 58 हजार रुपये खाते में भेज दिए, लेकिन कई दिनों तक सीमेंट लेकर कोई नहीं पहुंचा। इस पर उन्होंने ईसी रोड स्थित सीसीआई के कार्यालय में जानकारी की।
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Iपता चला कि सोमेश नाम का कोई भी विक्रय प्रमुख कंपनी में नहीं है। इंस्पेक्टर रावत ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद खातों और मोबाइल नंबर की जांच की जा रही है।I