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‘मिट्टी में दबाए’ साढे़ चार करोड़ रुपए, जानिए इस पूरे मामले की 'काली' सच्चाई

Tue, 24 Apr 2018 11:20 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 24 Apr 2018 11:20 PM IST
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Four Crore rupees misuse in uttarakhand water department

यहां पर पैसों का इस तरह से इस्तेमाल किया गया कि सब हैरान रह गए। आगे जानिए...

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पेयजल निगम के कारनामे भी गजब हैं। नई सीवर लाइन डालने के नाम पर साढे़ चार करोड़ रुपये खर्च कर दिए और लाइन डलने के बावजूद लोगों की समस्या ज्यों की त्यों है। वजह ये है कि निगम ने नई सीवर लाइन तो डाली, लेकिन उसे पुरानी लाइन से कनेक्ट कर दिया जो कई सालों से चोक पड़ी हुई है।

अब नई लाइन का सीवर जब पुरानी लाइन से जुड़ा तो वह फि र से चोक हो गया और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस संबंध में की गई शिकायतें पेयजल निगम में डस्टबिन में डाली जा रही हैं।
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मातावाला बाग से प्रिंस चैक, सर्वे चौक से करनपुर तक की सीवर लाइन कई सालों से चोक है। यह लाइन करनपुर से चलकर मातावाला बाग जाती है, जहां से इस सीवर का निस्तारण कारगी स्थित सीवेज टीटमेंट प्लांट में किया जाना है, लेकिन लाइन के लंबे समय से चोक होने के कारण ये सीवर की गंदगी सड़कों पर फेल जाती है।
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Four Crore rupees misuse in uttarakhand water department

पेयजल निगम ने डेढ़ साल पहले साढे़ चार करोड़ रुपये की लागत से करनपुर क्षेत्र की पुरानी सीवर लाइन बदलने का प्रस्ताव तैयार किया था। एक साल पहले बजट मिलने पर पेयजल निगम ने इस क्षेत्र में करीब पांच किमी नई सीवर लाइन डाली।

तब लोगों को उम्मीद जगी थी कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन पेयजल निगम ने इस नई लाइन को सर्वे चौक पर पुरानी जर्जर लाइन से जोड़ दिया। जो सर्वे चैक से प्रिंस चौक, मातावाला बाग तक पहले से तक चोक बताई गई है।

जब नई लाइन को इससे जोड़ा गया तो वह सर्वे चौक पर फिर से सीवर चोक हो गया। अब स्थिति ये है कि नई लाइन होने के बावजूद करनपुर की लाइनें चोक पड़ी हैं। इससे लोग परेशान हैं। लोग आए दिन जल संस्थान के अधिकारियों को शिकायत कर रहे हैं। जल संस्थान इन शिकायतों को पेयजल निगम को भेज देता है और पेयजल निगम ये शिकायतें डस्टबिन में डाली जा रही हैं।

मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस मामले में संबंधित अधिकारी से बात करके जांच की जाएगी।  
- वीसी पुरोहित, चीफ इंजीनियर, पेयजल निगम

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