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न्याय की जंग में 96 साल की प्रभावती से हारे यूपी के पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश सिंह

Wed, 04 Mar 2020 03:05 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal दीप चंद्र बेलवाल, अमर उजाला, रुद्रपुर
दीप चंद्र बेलवाल, अमर उजाला, रुद्रपुर Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 04 Mar 2020 03:05 PM IST
सार

  • जमीन पर अपना अधिकार जमाने के लिए मंत्री ने जमाई थी फील्डिंग 
  • छह साल बाद पूर्व डीएसपी की बेटी को कोर्ट से मिला न्याय 

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Former UP minister Prem Prakash Singh defeat from 96 years of woman
प्रेम प्रकाश सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के दबंग पूर्व सहकारिता मंत्री प्रेम प्रकाश सिंह को 96 साल की प्रभावती से हराना पड़ा। विरासत में मिली प्रभावती की जिस 32 एकड़ जमीन पर उसने फर्जी वसीयत के जरिये कब्जा किया था। उसे इस गुनाह की सजा छह साल बाद जेल जाकर चुकानी पड़ी। पूर्व मंत्री के सभी दांवपेंच सच की लड़ाई के आगे बेदम साबित हो गए। प्रभावती न्याय मिलने से खुश हैं। उन्होंने इसे सच की जीत बताया। 

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मंगलवार का दिन ग्राम मुहोरा बुढनपुर आजमगढ़ निवासी प्रभावती और उनके परिजनों के लिए खुशी का पैगाम लेकर आया। कोर्ट के फैसले के बाद प्रभावती ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि उनके पिता रामअवध डीएसपी से रिटायर्ड हुए थे। तब यूपी सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को देखते हुए कृषि कार्य के लिए ग्राम बागवाला रुद्रपुर में 50 एकड़ जमीन आवंटित की थी।
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जून 1999 में उनके निधन के बाद जमीन प्रभावती के नाम हो गई। प्रभावती की शादी के बाद यूपी सरकार के पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह ने फर्जी वसीयत बनाकर 32 एकड़ भूमि अपने नाम करा ली। अपनी जमीन को वापस पाने के लिए प्रभावती को पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। प्रभावती ने बताया कि यह न्याय और सच की लड़ाई थी। उन्हें कोर्ट, अपने वकीलों और खुद पर पूरा भरोसा था। 96 साल की उम्र में उन्होंने हौसले के दम पर लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की। 

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अधिवक्ता आनंद और सिद्धार्थ बने जंग के हीरो 

जमीन को लेकर कोर्ट में चल रही जंग के हीरो अधिवक्ता आनंद सिंह सोलंकी और सिद्धार्थ श्रीवास्तव रहे। दोनों अधिवक्ताओं ने 17 जून 2016 में चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस केस की पैरवी की। प्रतिवादी पक्ष के तमाम सबूतों को उन्होंने अपनी मजबूत रणनीति और साक्ष्यों के आगे झुकने पर मजबूर कर दिया। कोर्ट का फैसला आने के बाद दोनों अधिवक्ताओं को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। 

कोर्ट से बाहर आते ही तनाव में दिखे मंत्री 
कोर्ट के सजा सुनाने के बाद पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह तनाव में दिखे। कोर्ट से न्यायिक हिरासत में जेल जाते ही मीडिया कर्मियों ने उनकी तस्वीर को अपने कैमरों में कैद करना शुरू कर दिया। इस दौरान मंत्री के कदम कुछ देर थम गए। उन्होंने यह तक कह दिया कि यह फोटो खींचना सही नहीं है। 

मंत्री का विवाद से रहा है पुराना नाता 
यूपी सरकार के पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। आरटीई में मांगी गई पुलिस सूचना में मंत्री के खिलाफ हत्या, लूट और आगजनी के मुकदमे दर्ज हैं। सत्ता में रहते हुए भी उनके खिलाफ मारपीट समेत कई मुकदमे दर्ज हुए।

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