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उत्तराखंड: नहीं बुझ रही गर्मी में धधकते जंगलों की आग, 24 घंटे में के अंदर हुई 237 घटनाएं

Tue, 29 May 2018 12:20 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 29 May 2018 12:20 AM IST
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Forest fire in 237 place in 24 hours uttarakhand

प्रदेश में वनों में आग लगने की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है। वन विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में 237 घटनाएं हुई है, जिसमें करीब 408 हेक्टेयर जंगल जला है। वहीं, अपर मुख्य सचिव (वन) ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आग लगने की घटनाओं और रोकथाम के संबंध में जानकारी ली।

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वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में 1773 आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें करीब 3852 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है। आग लगने सबसे ज्यादा 820 घटनाएं गढ़वाल रीजन में हुई हैं। इसके बाद कुमाऊं रीजन में 517, शिवालिक में 365 और वाइल्ड लाइफ एरिया में 71 घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। इन घटनाओं में 42.7 प्लांटेशन वाले क्षेत्र को भी नुकसान हुआ है, इससे वन विभाग की नया जंगल तैयार करने की योजना को भी झटका लगा है।
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अब तक वनों की आग से 72 लाख 94 हजार रुपये से ज्यादा की वन संपदा का नुकसान हो चुका है। मुख्य वन संरक्षक बीपी गुप्ता के अनुसार तेज हवाओं के कारण कई जगह आग तेजी से फैली थी। हालांकि, चकराता और विकासनगर के संवेदनशील जंगलों में आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। चकराता वन प्रभाग में भी 55 हेक्टेयर जंगल जलने से लाखों की वन संपदा को नुकसान हुआ है।

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जांच में आग बुझाते हुए मौत की घटना निकली झूठी

Forest fire in 237 place in 24 hours uttarakhand

शासन में वनों की आग की घटनाओं को लेकर हुई समीक्षा बैठक में बागेश्वर डीएफओ की जांच रिपोर्ट को भी प्रस्तुत किया गया। मुख्य वन संरक्षक बीपी गुप्ता के अनुसार बागेश्वर जिले के पालड़ी जनौटी गांव के बिशन सिंह के अपने खेत में रखे घास के ढेर को वनों की आग से बचाने के दौरान खाई में गिरकर मरने का मामला सामने आया था।

इस मामले की जांच प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह ने वन क्षेत्राधिकारी बागेश्वर से कराई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार घटनास्थल सिविल व नाप भूमि है और वहां पर आग लगने का कोई भी निशान नहीं है। डीएफओ ने जांच रिपोर्ट के साथ घटनास्थल का वीडियो भी भेजा है।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण की मृत्यु किसी और कारण से खाई में गिरने से हुई है। इस संबंध में शासन को भी अवगत करा दिया गया है। इसके साथ ही शासन को बजट जारी होने की स्थिति, आग बुझाने में लगे कर्मियों की संख्या, घटना, संवेदनशील जगह आदि के बारे में विस्तार से बताया गया है। बताया गया कि अब तक आग लगने की घटनाओं में चार लोग घायल हुए हैं। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव (वन) डॉ. रणवीर सिंह ने की।

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