विदेशी पर्वतारोहियों की तलाश: आईटीबीपी के जवानों को नंदादेवी बेस कैंप में उतारा, सामान भी पहुंचाया
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नंदादेवी पर्वतारोहण के दौरान लापता विदेशी पर्वतारोहियों की तलाश और बर्फ में पड़े शवों को निकालने के लिए सेना के एमआई 17 हेलीकॉप्टर ने नंदादेवी बेस कैंप तक तीन उड़ानें भरीं। पहले पिथौरागढ़ और मुनस्यारी से आईटीबीपी के 15 कुशल पर्वतारोहियों को नंदादेवी बेस कैंप-2 तक पहुंचाया। इसके बाद राशन, उपकरण और अन्य सामग्री भी बेस कैंप तक पहुंचाई गई।
13 मई को नंदा देवी पर्वतारोहण के दौरान सात विदेशी और एक भारतीय सहित आठ लोग लापता हो गए थे। इसके बाद कुछ पर्वतारोहियों के शव बर्फ में पड़े देखे गए। लापता पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए वायु सेना, आईटीबीपी और अन्य एजेंसियां जुटीं हुईं हैं। शवों को निकालने के लिए आज सुबह वायु सेना के एमआई 17 हेलीकॉप्टर ने पिथौरागढ़ में सेना के हेलीपैड और नैनीसैनी हवाई पट्टी से एक-एक उड़ान नंदादेवी बेस कैंप के लिए भरी।
15 कुशल पर्वतारोहियों को नंदादेवी बेस कैंप-2 में उतारा गया
सेना के हेलीपैड से आईटीबीपी के छह और मुनस्यारी हेलीपैड से नौ जवानों सहित कुल 15 कुशल पर्वतारोहियों को नंदादेवी बेस कैंप-2 में उतारा गया। इसके बाद, दूसरी उड़ान में नैनीसैनी हवाई पट्टी से टीम के लिए विभिन्न उपकरण, राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री बेस कैंप द्वितीय में पहुंचाई गई। यह अभियान 20 से 22 दिनों तक चलेगा।
भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से आईटीबीपी का दल और राशन नंदा देवी बेस कैंप द्वितीय तक पहुंचाया गया है। लापता पर्वतारोहियों की खोज और शवों को निकालने के लिए 20 से 22 दिनों की कार्ययोजना बनाई गई है।
-डा. विजय कुमार जोगदंडे, जिलाधिकारी पिथौरागढ़