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हेलीकॉप्टर नहीं मिलने से उत्तराखंड की मशहूर लोक गायिका कबूतरी देवी का निधन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:00 PM IST
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kabootri devi
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उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका कबूतरी देवी (74) का शनिवार को हृदय गति रुकने से जिला अस्पताल में निधन हो गया है।
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उनके निधन का समाचार मिलते ही अस्पताल में लोक संस्कृति, साहित्य प्रेमियों का जमावड़ा लग गया। दोपहर बाद रामेश्वर घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटी हेमंती ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
सुर साम्राज्ञी कबूतरी देवी को बृहस्पतिवार रात स्वास्थ्य खराब होने पर करीब एक बजे उनके घर क्वीतड़ से मनोज कुमार, हरिराम और प्रमोद सिंह जीप में अड़किनी तक लाए। यहां से एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। डॉ. एसएस कुंवर की देखरेख में आईसीयू में उनका इलाज चल रहा था। उनका दिल पंप नहीं कर रहा था।
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लोकगायिका को इमरजेंसी में रखा गया था
मौत की खबर से कबूतरी देवी के परिजन और प्रशंसकों में शोक की लहर
शुक्रवार दोपहर उन्हें जिला अस्पताल से हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया, लेकिन हेलीकॉप्टर की सुविधा नहीं मिलने से उन्हें अस्पताल में ही रोका था।
डॉ. कुंवर ने बताया कि शनिवार सुबह उनके दिल ने काम करना बंद कर दिया। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद सुबह 10.25 बजे कबूतरी देवी ने अंतिम सांस ली। कबूतरी देवी की दो बेटियां और एक बेटा है।
बेटा भूपेंद्र मुंबई में रहता है। रामेश्वर घाट में कबूतरी देवी की बेटी हेमंती ने ग्रामीणों और संस्कृति प्रेमियों की मौजूदगी में गमगीन माहौल में मां की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान हेमराज बिष्ट, जनार्दन उप्रेती, प्रकाश रावत, प्रकाश जोशी, नरेंद्र सौराड़ी और क्वीतड़ के प्रधान श्याम सुंदर सिंह सौन समेत तमाम लोग मौजूद थे।
डॉ. कुंवर ने बताया कि शनिवार सुबह उनके दिल ने काम करना बंद कर दिया। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद सुबह 10.25 बजे कबूतरी देवी ने अंतिम सांस ली। कबूतरी देवी की दो बेटियां और एक बेटा है।
बेटा भूपेंद्र मुंबई में रहता है। रामेश्वर घाट में कबूतरी देवी की बेटी हेमंती ने ग्रामीणों और संस्कृति प्रेमियों की मौजूदगी में गमगीन माहौल में मां की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान हेमराज बिष्ट, जनार्दन उप्रेती, प्रकाश रावत, प्रकाश जोशी, नरेंद्र सौराड़ी और क्वीतड़ के प्रधान श्याम सुंदर सिंह सौन समेत तमाम लोग मौजूद थे।