चारा पत्ती विवाद: सीएम धामी ने दिए जांच के आदेश, गढ़वाल आयुक्त से मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि जनपद चमोली के जोशीमठ क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं द्वारा वन से चारापत्ती लाने को लेकर हुए विवाद से संबंधित घटना का संज्ञान लेते हुए कमिश्नर गढ़वाल को त्वरित रूप से जांच के आदेश दिए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत जिले चमोली के हेलंग में ग्रामीण महिलाओं से चारा पत्ती छीनने व उनका चालान करने संबंधी विवाद का संज्ञान लिया है। उन्होंने गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार को विवाद की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, जनपद चमोली के जोशीमठ क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं द्वारा वन से चारापत्ती लाने को लेकर हुए विवाद से संबंधित घटना का संज्ञान लेते हुए कमिश्नर गढ़वाल को त्वरित रूप से जांच के आदेश दिए हैं।
ये है प्रकरण
आरोप है कि जोशीमठ हेलंग में चारापत्ती लेकर आ रही तीन महिलाओं को पुलिस ने छह घंटे तक अपने कब्जे में रखा। इस दौरान उन्हें पुलिस वाहन और थाने में बिठाकर रखा गया। महिलाओं का कहना था कि वे सालों से चारा पत्ती लाती रही हैं, लेकिन पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों ने उनकी एक न सुनी। उन्होंने पूरे क्षेत्र को प्रतिबंधित बताते हुए उन्हें पुलिस वाहन और थाने में बैठाया और 250 रुपये का चालान कर छोड़ा।
विवाद ने तूल पकड़ा
ग्रामीण महिलाओं को चारा पत्ती लाने से रोकने और उनका चालान करने के मामले ने तूल पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर पुलिस और सीआईएसएफ की इस कार्रवाई की जमकर आलोचना हुई। निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप प्रकरण की जांच की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा, उत्तराखंड क्रांति दल ने भी इसका विरोध किया और सरकार से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। महिला कांग्रेस ने देहरादून में प्रदर्शन किया।
महिला आयोग ने भी जांच के आदेश दिए
चारा पत्ती विवाद के मामले में महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया। महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने डीएम चमोली को निर्देश दिए कि वे पूरे मामले की जांच करें और पीड़ितों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका पक्ष जानें।
मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया, जांच के निर्देश
मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन से तत्काल रिपोर्ट तलब की। गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।