उत्तरकाशी में तूफान से मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई पांच
- रविवार और सोमवार को आए तूफान ने चार और जिंदगियां छीनीं
- चमोली और टिहरी जिले के 700 गांवों की बिजली अब तक गुल
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उत्तरकाशी में रविवार और सोमवार को आए तूफान से मरने वालों की संख्या अब पांच हो गई है। वहीं, चमोली और टिहरी जिले के 700 गांवों की बिजली मंगलवार को भी बहाल नहीं हो सकी है। बिजली लाइनों पर आ गिरे विशालकाय पेड़ों को हटाने में विभाग की टीम जुटी हुई है। तेज आंधी और बारिश से उषाड़ा गांव का एक हिस्सा भी खतरे की जद में आ गया है। गांव के 30 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
सोमवार को उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक के सुदूरवर्ती पुष्टहारा बुग्याल के पास तूफान से उखड़े पेड़ के नीचे दबने से मियां गुर्जर की बेटी शहाना (15) और बेटा रेहान (10) की मौत हो गई। मंगलवार को सांकरी पहुंचे परिजनों ने इसकी सूचना दी तो तहसीलदार यशवीर रावत ने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक टीम को मौके पर भेजा।
संग्राली गांव के नाली तोक में महिडांडा कैंप के पास तूफान से उखड़े पेड़ की चपेट में आने से घायल नेपाली मजदूर कमला देवी (58) पत्नी रामकृष्ण बहादुर ने भी मंगलवार को दम तोड़ दिया। पेड़ की टहनी उसकी पीठ को फाड़ते हुए पेट में जा घुसी थी और गंभीर हालत में उसे सोमवार शाम जिला अस्पताल पहुंचाया गया था।
बढ़ रहा पहाड़ में नुकसान का आंकड़ा
इससे पहले संग्राली में छानी के ऊपर पेड़ गिरने से ग्रामीण गंगाराम भट्ट की मौत हो गई थी। भराणगांव निवासी इलमा देवी (55) पत्नी हर्षलाल ने भी मंगलवार को अंतिम सांस ली। वह सोमवार को घास लेने जंगल गई थी। वहां तूफान में फंसकर बेहोश हो गई।
शाम को घर न पहुंचने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन की तो मंगलवार सुबह जंगल में पड़ी मिली। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचते ही उसने दम तोड़ दिया।
इस तरह पहाड़ के दूरस्थ इलाकों में आंधी-तूफान से हुए नुकसान का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तरकाशी, चमोली, और रुद्रप्रयाग जिले में दर्जनों घरों और स्कूल की छतें आंधी-तूफान की भेंट चढ़ गई। वहीं फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।