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16 साल का राज्य और बंगला कब्जाए बैठे हैं पांच-पांच पूर्व CM

Tue, 02 Aug 2016 10:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 02 Aug 2016 10:02 AM IST
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five ex minister in government houses in uttarakhand.
पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी का सरकारी आवास - फोटो : AmarUjala

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को दो माह के अंदर सरकारी बंगला खाली करने का जो निर्देश दिया है, उसकी आंच उत्तराखंड तक भी पहुंच सकती है। उत्तराखंड में भी कई पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी बंगले पर काबिज हैं।

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पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगले पर काबिज होने को लेकर यहां पर भी कई बार सवाल उठते रहे हैं, लेकिन राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। मामले में शासन स्तर से कहा जा रहा है कि फैसला उत्तर प्रदेश को लेकर है, इस बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं है।
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गौरतलब है कि यूपी सरकार ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला दिया जाए। 2004 में एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी थी। एनजीओ ने तर्क दिया था कि अगर पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला दिया गया तो इसका असर अन्य राज्यों पर भी पड़ेगा।

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SC के आदेश के बाद उत्तराखंड में भी हलचल

five ex minister in government houses in uttarakhand.
रमेश पोखरियाल निशंक का सरकारी आवास - फोटो : AmarUjala

कोर्ट ने इस मामले में दो माह के अंदर यूपी के मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया है। उत्तराखंड में भी समय-समय पर इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाती रही है। जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी, बीसी खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक और विजय बहुगुणा सरकारी आवास पर काबिज हैं।

यूपी को लेकर कोर्ट का जो फैसला आया है, उसमें एनडी तिवारी का नाम भी शामिल है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों में से बीसी खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी और रमेश पोखरियाल निशंक वर्तमान में सांसद हैं और इनको दिल्ली में भी आवास मिला हुआ है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है। कोर्ट का यह आदेश उत्तराखंड के लिए भी नजीर बन सकता है।

कोर्ट के आदेश की पूरी जानकारी नहीं है। अगर उत्तराखंड को लेकर कोर्ट का कोई ऐसा आदेश आता है तो उसे न्याय विभाग को भेजा जाएगा। इसके बाद कैबिनेट इस पर फैसला करेगा। फिलहाल उत्तराखंड को लेकर ऐसे किसी आदेश की जानकारी नहीं है।
-सीएस नपलच्याल, सचिव, राज्य संपत्ति

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