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Dehradun News: पांच दिवसीय क्षारसूत्र की कार्यशाला में पारंगत होंगे प्रदेश के 20 आयुष चिकित्सक
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I उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल परिसर में शुरू हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम
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Iआयुष शिक्षा अपर सचिव डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने की महर्षि धनवंतरी की पूजाI
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल परिसर में सोमवार से पांच दिवसीय क्षार सूत्र चिकित्सा पद्धति की कार्यशाला शुरू की गई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि आयुष शिक्षा अपर सचिव डॉ. विजय जोगदंडे ने महर्षि धनवतरी की पूजा कर प्रशिक्षण की शुरुआत कराया। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति में क्षार सूत्र न केवल उपचार की एक विधा है, बल्कि मानव जीवन में कठिन संकट का निवारण इस सरल तरीके से संभव है।
आयुष विशेषज्ञों के साथ अपर सचिव डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सा पद्धति को लेकर किए जा रहे नवीन प्रयास और संभावनाओं पर अनुसंधान के प्रति सभी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के अलग-अलग जनपदों से आए 20 आयुर्वेदिक चिकित्सक प्रतिभाग कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद वह अपने-अपने जनपदों में बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक और विभागाध्यक्ष प्रो. डॉक्टर अजय कुमार गुप्ता, प्रो. डॉक्टर विशाल वर्मा, डॉक्टर सविता सोनकर आदि ने क्षार सूत्र शल्य क्रिया और पद्धत्ति की विशेषताओं पर व्याख्यान दिया।
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Iआयुष शिक्षा अपर सचिव डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने की महर्षि धनवंतरी की पूजाI
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल परिसर में सोमवार से पांच दिवसीय क्षार सूत्र चिकित्सा पद्धति की कार्यशाला शुरू की गई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि आयुष शिक्षा अपर सचिव डॉ. विजय जोगदंडे ने महर्षि धनवतरी की पूजा कर प्रशिक्षण की शुरुआत कराया। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति में क्षार सूत्र न केवल उपचार की एक विधा है, बल्कि मानव जीवन में कठिन संकट का निवारण इस सरल तरीके से संभव है।
आयुष विशेषज्ञों के साथ अपर सचिव डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सा पद्धति को लेकर किए जा रहे नवीन प्रयास और संभावनाओं पर अनुसंधान के प्रति सभी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के अलग-अलग जनपदों से आए 20 आयुर्वेदिक चिकित्सक प्रतिभाग कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद वह अपने-अपने जनपदों में बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान करेंगे।
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कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक और विभागाध्यक्ष प्रो. डॉक्टर अजय कुमार गुप्ता, प्रो. डॉक्टर विशाल वर्मा, डॉक्टर सविता सोनकर आदि ने क्षार सूत्र शल्य क्रिया और पद्धत्ति की विशेषताओं पर व्याख्यान दिया।
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