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हरक के घर फायरिंग पर दबाव में सरकार
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 19 Sep 2013 10:04 AM IST
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उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के आवास पर डिनर पार्टी में मंगलवार को हुई फायरिंग से प्रदेश सरकार बुरी तरह दबाव में है।
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यह घटना ऐसे वक्त में हुई है, जब विधानसभा का सत्र चल रहा है। सरकार को इस मामले में सफाई देते नहीं बन रहा है। वहीं संसदीय कार्य मंत्री इंदिरा हृदयेश ने यह कह कर और तूल दे दिया कि फायरिंग उनकी पार्टी के ही एक साथी ने की थी।
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वहीं आरोपी खानपुर विधायक प्रणव चैंपियन बुधवार को विधानसभा से नदारद रहे। हालांकि अपने विधानसभा क्षेत्र में कई कार्यक्रमों में उन्होंने शिरकत की। उन्होंने फायरिंग की बात से साफ इनकार करते हुए कहा कि पार्टी में पटाखे छूट रहे थे। हो सकता है कि पटाखों से ही विवेकानंद खंडूड़ी को चोट पहुंची हो। विपक्ष इस पर मुझे बदनाम कर रहा है।
उधर सरकारी मशीनरी पूरे मामले को दबाने में जुटी है। पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर मामले में लीपापोती शुरू कर दी है तो मौका-ए-वारदात पर मौजूद रहे विधायक और मंत्री इस प्रकरण पर मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं। यहां तक कि जख्मी कांग्रेसी नेता भी घटना का ब्योरा देने को राजी नहीं हैं। पुलिस ने वारदात स्थल से अब तक गोलियों के छर्रे और खोखे तक बरामद नहीं किए हैं।
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मामला कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच गया है। इसके चलते सरकार पर विपक्ष के साथ ही अपने ही लोगों का भारी दबाव है। सरकार की हर कोशिश है कि विपक्ष का ध्यान इस प्रकरण की ओर न जाए। यही कारण है कि बुधवार को सरकार ने आपदा पर कार्य स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर चर्चा शुरू करा दी। यह चर्चा बृहस्पतिवार को भी जारी रखने की रणनीति सरकार ने बनाई है।
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी कुछ बोलने से बचते नजर आए। मीडिया के सवालों पर उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। कानून से बड़ा कोई नहीं है। वहीं संसदीय कार्य मंत्री इंदिरा हृदयेश ने विधायक का नाम लिए बगैर कहा कि उनके ही एक साथी ने वीआईपी डिनर पार्टी को शादी समारोह समझ कर गोलियां चला दी थी, लेकिन इस तरह के कृत्य को उचित नहीं कहा जा सकता।