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Dehradun News: आवासीय छानी में लगी आग, 62 बकरियों की जलकर मौत
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- माघ मरोज का पर्व मनाने गांव गया था पशुपालक का परिवार
- छानी की पहली मंजिल में बंद थी सभी बकरियां
फोटो..
संवाद न्यूज एजेंसी
चकराता। तहसील के लावड़ी ग्राम पंचायत के बैसावटी मजरे में रविवार रात एक दो मंजिला आवासीय छानी में भीषण आग लग गई। छानी में बंद सभी 62 बकरियों की जलकर मौत हो गई। घटना के दौरान परिवार माघ मरोज का त्योहार मनाने के लिए गांव गया हुआ था। पीड़ित पशुपालक ने तहसील प्रशासन से आगजनी से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे ग्रामीणों ने बैसावटी मजरे में एक छानी से आग की लपटें उठते हुए देखीं। सभी ग्रामीण एकत्र होकर आग पर काबू पाने के लिए छानी की ओर दौड़ पड़े। लेकिन, ग्रामीणों के पहुंचने तक देवदार की लकड़ी से बनी दो मंजिला आवासीय छानी में लगी आग विकराल रूप ले चुकी थी। ग्रामीणों पर आग पर काबू पाने का काफी प्रयास किया। लेकिन, वह आग बुझाने में नाकाम रहे। आवासीय छानी पूरी तरह जल गई। छानी में बंद 62 बकरियां की जलकर मौत हो गई। छानी के भीतर रखा खाने-पीने का सामान बर्तन, कपड़े आदि भी जल गए।
पीड़ित पशुपालक महेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार को माघ मरोज के त्योहार के चलते परिवार के सभी सदस्य गांव गए हुए थे। वह दिन में बकरियों को चराने के बाद छानी की पहली मंजिल में बंद कर गांव चला गया था। बताया कि पशुपालन ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। बड़ी संख्या में बकरियों की मौत होने से उनके सामने परिवार के पालन पोषण का संकट पैदा हो गया है।
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सूचना पर मौके पर पहुंचे राजस्व उपनिरीक्षक प्यारे लाल शर्मा ने बताया कि आगजनी से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। आग लगने के कारण की जांच की जा रही है।
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- छानी की पहली मंजिल में बंद थी सभी बकरियां
फोटो..
संवाद न्यूज एजेंसी
चकराता। तहसील के लावड़ी ग्राम पंचायत के बैसावटी मजरे में रविवार रात एक दो मंजिला आवासीय छानी में भीषण आग लग गई। छानी में बंद सभी 62 बकरियों की जलकर मौत हो गई। घटना के दौरान परिवार माघ मरोज का त्योहार मनाने के लिए गांव गया हुआ था। पीड़ित पशुपालक ने तहसील प्रशासन से आगजनी से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे ग्रामीणों ने बैसावटी मजरे में एक छानी से आग की लपटें उठते हुए देखीं। सभी ग्रामीण एकत्र होकर आग पर काबू पाने के लिए छानी की ओर दौड़ पड़े। लेकिन, ग्रामीणों के पहुंचने तक देवदार की लकड़ी से बनी दो मंजिला आवासीय छानी में लगी आग विकराल रूप ले चुकी थी। ग्रामीणों पर आग पर काबू पाने का काफी प्रयास किया। लेकिन, वह आग बुझाने में नाकाम रहे। आवासीय छानी पूरी तरह जल गई। छानी में बंद 62 बकरियां की जलकर मौत हो गई। छानी के भीतर रखा खाने-पीने का सामान बर्तन, कपड़े आदि भी जल गए।
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पीड़ित पशुपालक महेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार को माघ मरोज के त्योहार के चलते परिवार के सभी सदस्य गांव गए हुए थे। वह दिन में बकरियों को चराने के बाद छानी की पहली मंजिल में बंद कर गांव चला गया था। बताया कि पशुपालन ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। बड़ी संख्या में बकरियों की मौत होने से उनके सामने परिवार के पालन पोषण का संकट पैदा हो गया है।
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सूचना पर मौके पर पहुंचे राजस्व उपनिरीक्षक प्यारे लाल शर्मा ने बताया कि आगजनी से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। आग लगने के कारण की जांच की जा रही है।