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अवैध खनन मामले में फंसे वरिष्ठ जेल अधीक्षक, होगी FIR

Tue, 19 Jul 2016 02:50 AM IST
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, देहरादून
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 19 Jul 2016 02:50 AM IST
सार

  • -सितारगंज ओपन जेल की नदी से लगी भूमि पर करवाया खनन
  • - प्रमुख सचिव गृह ने की विभागीय कार्रवाई की संस्तुति
  • - जल्द ही संजीव कुमार शुक्ला पर दर्ज होगी एफआईआर

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FIR will be registered on the senior jail superintendent.
पांच करोड़ के राजस्व नुकसान का मामला - फोटो : Demo

विस्तार

दो साल पहले सितारगंज ओपन जेल की नदी से लगी भूमि पर अवैध खनन कराने के आरोप में तत्कालीन वरिष्ठ जेल अधीक्षक संजीव कुमार शुक्ला के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और एफआईआर की कार्रवाई होगी। जांच की रिपोर्ट आने के बाद अब प्रमुख सचिव गृह ने उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की सिफारिश की है। जांच में करीब पांच करोड़ के राजस्व के नुकसान की बात सामने आई है।

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नैनीताल स्थित संपूर्णानंद शिविर जेल/केंद्रीय कारागार (सितारगंज ओपन जेल) का एरिया करीब छह सौ एकड़ है। इसमें काफी क्षेत्रफल नदी के किनारे है और कुछ भूमि पर नदी बहती है।
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वर्ष 2014 में जेल में तैनात वरिष्ठ अधीक्षक संजीव कुमार शुक्ला के विरुद्ध अवैध खनन करवाने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच तत्कालीन जिलाधिकारी बृजेश संत को दी गई। उन्होंने जांच करवाई तो आरोप सही निकले। इस पर तत्कालीन कमिश्नर हेमलता ढौंडियाल ने भी अपनी मुहर लगाते हुए जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी।

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जांच में आरोप सही, हाईकोर्ट ने दिए कार्रवाई निर्देश

FIR will be registered on the senior jail superintendent.
अदालत - फोटो : file

शासन ने कार्रवाई करते हुए संजीव कुमार शुक्ला को देहरादून कार्यालय में अटैच कर दिया। लेकिन शुक्ला ने इस कार्रवाई को अवैध करार देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। हाईकोर्ट ने शासन को हाईलेवल इनक्वायरी करवाकर आठ सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

इस पर तत्कालीन प्रमुख सचिव गृह ओम प्रकाश और प्रमुख सचिव खनन राकेश शर्मा की कमेटी बनाकर जांच करवाई गई तो आरोप सही पाए गए। इस पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए शुक्ला के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अब उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए प्रमुख सचिव गृह उमाकांत पवांर ने जेल मंत्री प्रीतम सिंह को फाइल भेजी है। इसमें आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के लिए भी कहा गया है।

क्या कहते हैं प्रमुख सचिव
तत्कालीन वरिष्ठ जेल अधीक्षक संजीव कुमार शुक्ला के विरुद्ध अवैध खनन के आरोप पुष्ट हो गए हैं। यह भी सत्य है कि उनके कृत्य से करीब पांच करोड़ रुपये के राजस्व की हानि हुई है। यह देखते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के अलावा विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जल्द ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- उमाकांत पवांर, प्रमुख सचिव (गृह)

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