जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 का मसला भारत का अंदरूनी मामला: फिनलैंड
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35ए हटाए जाने और लद्दाख को केंद्र शासित राज्य का दर्जा दिए जाने के बाद देश दुनिया में मची राजनीतिक हलचल के बीच फिनलैंड ने भी भारत की कार्रवाई का समर्थन किया है। दुनिया के अन्य देशों की तर्ज पर फिनलैंड का भी मानना है कि यह भारत का अंदरूनी मामला है।
आईएसटीडी की ओर से ग्रॉफिक एरा यूनिवर्सिटी में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में शिरकत करने पहुंचे फिनलैंड के राजदूत एरिक एफ हॉल्स्ट्राम ने कहा कि वैसे तो अनुच्छेद 370 का हटाया जाना पूरी तरह से भारत का अंदरूनी मामला है लेकिन इसके बाद दक्षिण एशिया में जो राजनीतिक हालात बन रहे हैं वह चिंता का विषय है।
कहा कि भारत व पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह का तनाव पूरे दक्षिण एशिया के लिए बड़ा खतरा है। दोनों देशों को अपने राजनीतिक मसलों को आपस में मिल जुलकर सुलझा लेना चाहिए।
कहा कि वे और उनका दूतावास अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद के हालात पर नजर बनाए हुए है। भारत व फिनलैंड के बीच रिश्ते सदैव अच्छे रहे हैं। दोनों के बीच सूचना प्रौद्योगिकी समेत कई क्षेत्रों में मिलकर काम किया जा रहा है।
सेमिनार में डॉ. अलका मित्तल, डॉ. विजयशील गौतम, अजय अग्रवाल, डॉ. डीबी शास्त्री, डॉ. सीमा सांघी, डॉ. एससी पुरोहित, डॉ. एसके जैन, अनिता चौहान, अनूप कुमार आदि मौजूद थे।