खूनी जंग चलती रही और पुलिस सोती रही
देहरादून के श्री गुरु रामराय पीजी कॉलेज में छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई। छात्र थोड़े-थोड़े अंतराल पर झगड़ते रहे।
दिनभर हंगामा चलता रहा, लेकिन दो बार सूचना के बावजूद पुलिस ने मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा।
छात्रनेताओं ने किसी तरह बीचबचाव कर स्थिति संभाली।
दोनों गुटों में हुई जमकर मारपीट
बुधवार को कॉलेज में प्रास्पेक्टस बिक्री चल रही थी। एक ओर एबीवीपी और दूसरी ओर एनएसयूआई की हेल्प डेस्क भी शांतिपूर्वक चल रही थी।
इस बीच दो छात्र अचानक बहस करने लगे। थोड़ी देर में दोनों में जमकर मारपीट होने लगी। शिक्षकों ने यह देखा तो तुरंत 100 नंबर पर सूचना दी।
इस बीच मामला शांत हो गया तो शिक्षक फिर प्राचार्य कक्ष में बैठ गए। लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। आधे घंटे बाद दोनों छात्र अपने साथियों को लेकर कॉलेज लौट आए। दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई।
छात्र के सिर पर डंडे से वार
एक छात्र के सिर पर डंडे से वार किया गया तो एक की शर्ट फाड़ डाली गई। मामला बढ़ता देख शिक्षक फिर मौके पर पहुंचे और कंट्रोल रूम में फोन किया। लेकिन इस बार भी पुलिस नहीं पहुंची।
कॉलेज में मौजूद छात्रनेताओं ने किसी तरह मारपीट करने वालों को शांत किया। एनएसयूआई कार्यकर्ता और छात्रसंघ अध्यक्ष महादेव प्रसाद रतूड़ी और एबीवीपी के नेता अंकित ने कहा कि उनका इस झगड़े से कुछ लेना-देना नहीं है।
उधर, पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठने लगा है कि अगर मारपीट बढ़ती और कोई हादसा हो जाता तो कौन जिम्मेदारी लेता।