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संस्कृति और विरासत के संगम में झूमा दून
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 23 Oct 2013 06:15 PM IST
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राज्यों की संस्कृति का संगम बने देहरादून में आयोजित विरासत में मंगलवार की शाम उत्तर भारत के लोकनृत्य ने अपना जादू बिखेरा।
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झूमने से नहीं रोक सके लोग
आलम यह था कि लोग अपने को झूमने से नहीं रोक सके। वहीं, देर शाम गजल गायक सीताराम सिंह ने अपने सुरों का जादू बिखेरा। कौलागढ़ स्थित अंबेडकर मैदान में विरासत की पांचवीं शाम की शुरुआत नॉर्थ इंडिया फोक लाइफ से हुई।
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नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर पटियाला के 150 कलाकारों ने लगातार तीसरे दिन अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। झारखंड का छाऊ नृत्य, मध्य प्रदेश का बधाई नृत्य, मणिपुर का छोलम, कश्मीर का राफ, उत्तर प्रदेश का मयूरी नृत्य, राजस्थानी नृत्य और पंजाब का भांगड़ा लोगों को काफी पसंद आया।
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गजल गायक की दिलकश आवाज का जादू
वहीं देवर भाभी के बीच हंसी मंजाक की प्रस्तुति देता हरियाणी लोक भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रहा। इसके बाद गजल गायक सीताराम सिंह ने अपनी दिलकश आवाज का जादू बिखेरा।
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गजल कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने जिसे मैं ओढ़ता बिछाता हूं, वो गजल तुम्हें सुनाता हूं...गजल के साथ की। एक के बाद एक गजलों और गीतों से सिंह ने शाम को सुरमयी बना दिया।
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