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एचटी लाइन की चपेट में आने से महिला झुलसी
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डांडा लखौंड के नूरीवालाबस्ती में मकान में काम करते समय एक महिला हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गई। महिला को गंभीर अवस्था में दून अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से उसे पहले महंत इन्दिरेश अस्पताल और इसके बाद जौलीग्रांट अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद से लोगों आक्रोश है। लोगों का कहना है कि उक्त लाइन को शिफ्ट करने के लिए कई बार ऊर्जा निगम से गुहार लगाई गई थी, लेकिन आज तक लाइन शिफ्ट नहीं हुई।
जानकारी के मुताबिक शनिवार दोपहर डांडा लखौंड के नूरीवाला बस्ती में श्यामा देवी (30) एक मकान में काम कर रही थी। काम करते समय महिला घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। इससे वह बुरी तरह झुलस गई। आसपास के लोगों और मजदूरों ने उसे तुरंत दून अस्पताल पहुंचाया। जहां हालत गंभीर होने पर उसे पहले महंत इन्दिरेश अस्पताल और इसके बाद वहां से जौलीग्रांट अस्पताल रेफर कर दिया गया। महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त लाइन को हटाने के लिए तीन-चार साल से कार्रवाई चल रही है। पहले लाइन को शिफ्ट करने के लिए पोल आ गए थे, लेकिन एक प्राइवेट कंपनी के दबाव में ऊर्जा निगम ने लाइन को शिफ्ट नहीं किया। जबकि, इसके लिए विधायक निधि से ऊर्जा निगम में पैसे भी जमा करवा दिए थे।
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जानकारी के मुताबिक शनिवार दोपहर डांडा लखौंड के नूरीवाला बस्ती में श्यामा देवी (30) एक मकान में काम कर रही थी। काम करते समय महिला घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। इससे वह बुरी तरह झुलस गई। आसपास के लोगों और मजदूरों ने उसे तुरंत दून अस्पताल पहुंचाया। जहां हालत गंभीर होने पर उसे पहले महंत इन्दिरेश अस्पताल और इसके बाद वहां से जौलीग्रांट अस्पताल रेफर कर दिया गया। महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त लाइन को हटाने के लिए तीन-चार साल से कार्रवाई चल रही है। पहले लाइन को शिफ्ट करने के लिए पोल आ गए थे, लेकिन एक प्राइवेट कंपनी के दबाव में ऊर्जा निगम ने लाइन को शिफ्ट नहीं किया। जबकि, इसके लिए विधायक निधि से ऊर्जा निगम में पैसे भी जमा करवा दिए थे।
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