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देहरादून: औषधीय पौधों की खेती से सुधरेगी ग्रामीणों की आर्थिकी
Mon, 09 Aug 2021 01:00 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 09 Aug 2021 01:00 AM IST
सार
भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के क्षेत्रीय प्रभारी व वरिष्ठ वनस्पति विज्ञानी डॉ. एसके सिंह ने बताया कि योजना के पहले चरण में पौड़ी जिले के जहरी मल्ली ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को 12 प्रजातियों के पौधे मुहैया कराया गए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों की आर्थिकी को और अधिक मजबूत करने के लिए भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण विभाग व गैर सरकारी संगठन की ओर से सर्व ग्रीन मिशन की शुरुआत की गई है। इसके तहत राज्य के पर्वतीय इलाकों में ग्रामीणों को औषधीय गुणों से युक्त वनस्पतीय पौधे मुहैया कराए जा रहे हैं। साथ ही उनकी खेती के बारे में जानकारी दी जा रही है।
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भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के क्षेत्रीय प्रभारी व वरिष्ठ वनस्पति विज्ञानी डॉ. एसके सिंह ने बताया कि योजना के पहले चरण में पौड़ी जिले के जहरी मल्ली ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को 12 प्रजातियों के पौधे मुहैया कराया गए हैं। इसमें हरड़, अर्जुन, बहेड़ा, जेट्रोपा, तेजपत्ता जैसी वनस्पतियां शामिल हैं।
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डॉ. एसके सिंह के मुताबिक सर्वग्रीन मिशन के तहत राज्य के अलग-अलग जिलों में ग्रामीणों को औषधीय गुणों से युक्त वनस्पतियों के बारे में जागरूक करने के साथ ही उनके उत्पादन के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। ताकि, लोग औषधीय वनस्पतियों का उत्पादन कर अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकें और औषधियां बनाने में भी दवा कंपनियों को आसानी हो सके।
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बताया कि देश में छह हजार से अधिक औषधीय वनस्पतियां पाई जाती हैं, लेकिन आमजन को इन वनस्पतियों के बारे में जानकारी नहीं है। अब सर्वग्रीन मिशन के तहत ग्रामीणों को औषधीय वनस्पतियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के डॉ. पुनीत कुमार, डॉ. रमेश कुमार, प्रगति रावत, मनीषा पेधवाल सहयोग कर रहे हैं।