कैप्टन बनकर किसान माता-पिता को दी खुशी की सौगात, गौरव और खुशी से फूले नहीं समा रहे गांव वाले
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जनपद के किसान माता-पिता को बेटे ने कैप्टन बनकर खुशी की सौगात दी है। बेटे की उपलब्धि पर माता-पिता फूले नहीं समा रहे हैं। वहीं गांव सहित आस-पास के क्षेत्र में भी खुशी की लहर है।
जनपद पौड़ी में तहसील धुमाकोट के भौन गांव निवासी किसान सुभाष चंद्र ध्यानी और वीरा देवी के घर 4 जनवरी 1985 को बालक आदित्य का जन्म हुआ। जो बापलन से ही माता-पिता के कार्यों में हाथ बंटाता।
पढ़ाई में अव्वल आदित्य ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा जीआईसी अंदरोली से उत्तीर्ण की। इसी दौरान आदित्य जनवरी 2004 को आसाम राईफल में राईफल मैन के रुप में भर्ती हो गया।
कैप्टन आदित्य के दो भाई व दो बहन
शिक्षा के प्रति लगन व मेहनत के चलते व्यक्तिगत स्नात्तक की परीक्षा उत्तीर्ण की। सेवा के दौरान आदित्य ने स्पेशल सेक्शन कमांडर कोर्स और प्लाटून कमांडर कोर्स भी उत्तीर्ण किए। वर्ष 2017 में उन्होंने 13 साल की सेवा के बाद डीपीसी प्रमोशन के तहत स्पेशल कमिशन पास किया।
जनवरी 2018 से 8 दिसंबर 2018 तक आफिसर ट्रैनिंग अकादमी गया बिहार में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 9 आसाम राइफल में कैप्टन के रुप में पदभार संभाला। किसान के बेटे के कैप्टन बनने से जहां परिवार में खुशी है।
वहीं पूरे क्षेत्र में भी खुशी की लहर है। कैप्टन आदित्य ध्यानी ने बताया कि माता-पिता के सपनों को साकार करने व भारत माता की सेवा करने से मुझे गौरव महसूस हो रहा है। कैप्टन आदित्य के दो भाई व दो बहनें भी हैं।