फेक न्यूज रोकने के लिए उत्तराखंड में बनेगा मॉनिटरिंग सेल, सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर
- जल्द अस्तित्व में आएगा मॉनिटरिंग सेल, प्रदेश से जुड़ी सूचनाओं पर रहेगी नजर
- भ्रामक सूचनाओं का पता लगाकर तुरंत सही जानकारी की जाएगी अपलोड
विस्तार
सोशल मीडिया पर उत्तराखंड से जुड़ी सूचनाओं की निगरानी के लिए गृह विभाग एक विशेषज्ञ मानिटरिंग सेल बना रहा है। यह सेल सरकारी तंत्र से जुड़ी हर ऑनलाइन सामग्री पर नजर रखेगा। इसके गठन का मुख्य उद्देश्य है कि जनता के बीच वायरल होने वाली भ्रामक सूचनाएं रोकी जा सकें और सही जानकारी दी जा सके। तथ्यों से छेड़छाड़ कर वायरल किए जाने वाले ऑडियो, वीडियो और फेक न्यूज रोकना ही सेल का मुख्य उद्देश्य होगा।
प्रस्तावित सेल में पुलिस के आईटी एक्सपर्ट के अलावा मीडिया और सामाजिक क्षेत्र के लोग भी जोड़े जाएंगे। निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकी सुविधा से इसे लैस किया जाएगा। व्हाट्सअप, ट्वीटर, फेसबुक के अलावा वेब पोर्टल और वेबसाइटों पर प्रदेश सरकार और शासन-प्रशासन से संबंधित सूचनाओं की मॉनिटरिंग होगी।
सेल का गलत तथ्य पकड़ में आते ही, उसे तुरंत दुरुस्त कर सोशल मीडिया में प्रचारित करेगा। फर्जी सूचनाओं के सोर्स का पता लगाने और उचित कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को जानकारी मुहैया करवाना भी इस सेल का कार्य रहेगा।
जान सकेंगे वायरल सूचना का सच
वायरल होने वाली जानकारियों की सत्यता जानने के लिए सेल एक प्लेटफार्म की तरह काम करेगा। इसकी वेबसाइट पर जनहित में जारी सरकारी सूचनाएं और आदेश भी उपलब्ध रहेंगे। वेबसाइट से कोई भी व्यक्ति संपर्क साध कर प्रदेश से जुड़ी वायरल सूचना की पुष्टि कर सकेगा। प्राकृतिक आपदा, बड़ा हादसा या बवाल होने पर सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल होने वाली गलत सूचनाओं की मॉनिटरिंग कर सही जानकारी अपलोड की जाएगी।
गलत सूचनाएं अपलोड करने वाले रडार पर
गृह विभाग सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं अपलोड कर जनता में भ्रम फैलाने वाले शरारती तत्वों को अपने रडार पर लेगा। शांति भंग करने वाली गलत सूचनाओं को पुलिस प्रशासन से तुरंत साझा किया जाएगा।
सोशल मीडिया में कई बार गलत और भ्रामक जानकारियां वायरल होकर बड़े बवाल का सबब बन जाती हैं। हमारा असल मकसद फर्जी ऑनलाइन सूचना का पता लगाकर जनता के बीच सही जानकारी पहुंचाना है। इसके लिए मॉनिटरिंग सेल बनाया जाएगा।
- नितेश कुमार झा, सचिव गृह