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देहरादून में पकड़ी गई साढ़े छह लाख की नकली करेंसी, दो युवक भी गिरफ्तार

Wed, 18 Sep 2019 02:50 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 18 Sep 2019 02:50 PM IST
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Fake currency caught in Dehradun two youths also arrested
प्रतीकात्मक

दून पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके पास से छह लाख 49 हजार रुपये के पांच सौ और दो हजार के नकली नोट बरामद किए हैं। इनके पास से पिस्टल, नकली नोट बनाने में प्रयुक्त होने वाला प्रिंटर, लैपटॉप और कार्टेज भी मिले हैं। नकली नोट खरीदकर बाजार में उतारने वाला रुड़की का संजय शर्मा अभी फरार है। 

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने मीडिया को बताया कि नकली करेंसी के इनपुट के आधार पर एसओ क्लेमेंटाउन नरोत्तम बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी। पोस्ट आफिस रोड पर बाइक सवार दो युवकों राजेश गौतम निवासी हर्ष विहार पूर्वी दिल्ली (हाल निवासी ओएलएफ कालोनी साहिबाबाद, गाजियाबाद) और विक्रांत चौहान निवासी गोल मार्केट, हापुड़ (हाल निवासी संत विहार थाना बसंत विहार, देहरादून) को पकड़ा गया। तलाशी में दो हजार के 259 और पांच सौ के 262 नोट बरामद हुए। पिट्ठू बैग में दो लैपटॉप, प्रिंटर, कार्टेज, नकली नोट छापने का पेपर और पिस्टल भी मिली तो उनसे सख्ती से पूछताछ की गई। 
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आरोपियों ने नकली नोट छापकर बाजार में उतारने की बात स्वीकार की। उनका साथी संजय शर्मा निवासी मकतूलपुरी रुड़की भी इस धंधे में सक्रिय है। संजय ही नकली नोटों को बाजार में उतारता था। लेकिन, बेटे का एक्सीडेंट होने के कारण वह उसे लेकर चंडीगढ़ गया हुआ है। इस वजह से राजेश और विक्रांत देहरादून में नकली नोट चलाने आए थे। एसएसपी ने बताया कि फरार संजय की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। संजय लंबे समय हवाला कारोबार से भी जुड़ा रहा है। सीओ सदर लोकजीत सिंह भी इस दौरान मौजूद थे। 

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मुठभेड़ में संजय को लगी थी गोली

आरोपी राजेश गौतम नई दिल्ली के अशोकनगर और नोएडा में लूट के मामले में जेल जा चुका है। नोएडा में पुलिस से हुई मुठभेड़ में राजेश के बाएं पैर में गोली लग गई थी। वह साहिबाबाद में हत्या के प्रयास और दिल्ली के हर्ष विहार में मारपीट के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। विक्रांत भी हापुड़ से जेल जा चुका है। संजय और विक्रांत की मुलाकात गाजियाबाद जेल में हुई थी, जहां पर इन्होंने नकली नोट छापने की योजना बनाई थी। 

बाजार में उतार चुके है 10 लाख के नोट
एसएसपी ने बताया कि आरोपी अब तक करीब 10 लाख के नकली नोट मार्केट में उतार चुके हैं। यह नोट सट्टे, पेट्रोल पंप और भीड़-भाड़ वाली दुकानों पर चलाए गए हैं। फरार संजय शर्मा उनसे एक लाख के नकली नोट 30 हजार रुपये में खरीदता था। ये लोग दिल्ली में किसी होटल अथवा संजय शर्मा के घर पर बैठकर नोट छापते थे। एक दिन में 20 से 25 हजार रुपये के नकली नोट छापे जाते थे। ज्यादातर नोटों की सप्लाई संजय ही करता था।

दो हजार रुपये के नोट में 35 रुपये का खर्चा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि दो हजार रुपये का नकली नोट छापने में 35 रुपये का खर्च आता है। जबकि पांच सौ के नोट की छपाई में 25 से 30 रुपये का खर्च आता था। क्रीम कलर के पेपर पर ये लोग नोट बनाते थे। एक पेपर से दो नोट बनते हैं। यह पेपर दिल्ली में आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

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