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रुद्रप्रयाग आपदा: प्रभावित क्षेत्रों में हेली से पहुंचाई जा रही राहत सामग्री, बारिश ने मचाई है भारी तबाही
Sat, 30 Aug 2025 03:22 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 30 Aug 2025 03:22 PM IST
सार
पूर्वी बांगर के मुख्य पड़ाव छेनागाड़ में बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे से बारिश हो रही थी। देर रात यहां मूसलाधार बारिश होने लगी। रात करीब 3 से 3:45 बजे के बीच अतिवृष्टि के कारण यहां भूस्खलन हो गया। जिले में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। आज हेली से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
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हेली से पहुंचाई जा रही राहत-सामग्री
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अगस्त्यमुनि से हेलिकॉप्टर के जरिए अति विशिष्ट क्षेत्रों में राशन पहुंचाया जा रहा है। भारी बारिश और भूस्खलन ने जिले के बसुकेदार उप तहसील और जखोली ब्लॉक में भारी तबाही मचाई है। पूर्वी बांगर के मुख्य पड़ाव छेनागाड़ में भूस्खलन के कारण 15 से ज्यादा दुकानें और मकान जमीदोंज हो गए। यहां आठ लोग चंदन नदी में बह गए।
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इसके अलावा अतिवृष्टि के कारण कई सड़कें और पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं जिससे बचाव और राहत कार्य में भारी मुश्किलें आ रही हैं। वहीं जखोली ब्लॉक के ग्राम पंचायत ललूड़ी के टेंडवाल गांव में एक मकान ढहने से मलबे में दबकर एक महिला की मौत हुई है। बसुकेदार से लगे अन्य कई गांवों में अतिवृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है।
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जानकारी के मुताबिक पूर्वी बांगर के मुख्य पड़ाव छेनागाड़ में बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे से बारिश हो रही थी। देर रात यहां मूसलाधार बारिश होने लगी। रात करीब 3 से 3:45 बजे के बीच अतिवृष्टि के कारण यहां भूस्खलन हो गया।
मलबे के सैलाब में यहां बने मकान और दुकान जमीदोंज हो गए और इसका मलबा व यहां मौजूद लोग नीचे चंदन नदी में बह गए। इनमें चार नेपाली मजदूर, दो दुकानदार सते सिंह नेगी और नीरज और वन विभाग के दो कर्मचारी कुलदीप सिंह नेगी और राज बुगाना शामिल हैं।