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सचिवालय पर प्रदर्शन, जेल में दिया धरना
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नियुक्ति की मांग को लेकर सचिवालय कूच रहे108कर्मचारी संघ के सदस्यों के बैरिकेडिंग पार करने के दौर?
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नई कंपनी में समायोजित करने समेत कई मांगों को लेकर एंबुलेंस सेवा 108 के पूर्व कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को तीसरी बार सचिवालय कूच किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर सेंट जोसेफ के गेट के सामने रोक लिया। बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास कर रहे कर्मचारियों पर पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। इसके बाद 400 कर्मचारियों को पुलिस हिरासत में ले लिया और सुद्धोवाला जेल ले गई। जेल में भी कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और धरने पर बैठ गए। देर रात तक जेल परिसर में पूर्व कर्मचारियों का धरना चलता रहा।
गौरतलब है कि एंबुलेंस सेवा 108 सेवा को संचालित करने वाली जीवीके के कर्मचारियों को अप्रैल में नौकरी से निकाल दिया गया था। कंपनी पर कर्मचारियों का अभी दो माह का वेतन भी बाकी है। कर्मचारी अपने दो माह के वेतन और नई कंपनी कैंप में समायोजित करने की मांग को लेकर 30 अप्रैल से परेड ग्राउंड पर धरना दे रहे हैं। आंदोलनकारी कर्मचारी इस दरम्यान कई तरह से प्रदर्शन कर अपनी मांगों को दोहरा चुके हैं। दो बार सचिवालय और एक बार मुख्यमंत्री आवास कूच भी कर्मचारी कर चुके हैं।
प्रदर्शन के इसी क्रम में बृहस्पतिवार को सैकड़ों कर्मचारियों ने परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया था। जुलूस की शक्ल में निकले कर्मचारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर सचिवालय से पहले ही रोक लिया, लेकिन कुछ कर्मचारी बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास करने लगे। इस बीच पुलिस को लाठियां भी फटकारनी पड़ी। इस दौरान दो कर्मचारी वहां बेहोश होकर गिर गए। पुलिस फोर्स के साथ मौके पर मौजूद डालनवाला कोतवाल ने कर्मचारियों को समझाने का भी प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने 400 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया और सुद्धोवाला जेल ले गए। वहां भी उन्होंने धरना-प्रदर्शन जारी रखा। वे जेल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। चौकी प्रभारी करनपुर कोमल सिंह रावत ने बताया कि सभी को जेल परिसर के मैदान में रखा गया है। देर रात एसडीएम विकासनगर कौस्तुभ मिश्रा और सीओ सिटी शेखर सुयाल जेल परिसर में पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पूर्व कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।
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छुट्टी के वक्त रास्ता बंद होने से परेशान हुए बच्चे
जिस समय 108 कर्मचारी सचिवालय कूच कर रहे थे, उसी वक्त सेंट जोजेफ्स एकेडमी की छुट्टी का समय होता है। स्कूल से थोड़ा पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर बच्चों को रोक दिया गया था। रास्ता बंद होने की वजह से काफी देर तक अभिभावक दूसरी तरफ खड़े रहे। बाद में पुलिस ने उनके निकलने की व्यवस्था की।
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गौरतलब है कि एंबुलेंस सेवा 108 सेवा को संचालित करने वाली जीवीके के कर्मचारियों को अप्रैल में नौकरी से निकाल दिया गया था। कंपनी पर कर्मचारियों का अभी दो माह का वेतन भी बाकी है। कर्मचारी अपने दो माह के वेतन और नई कंपनी कैंप में समायोजित करने की मांग को लेकर 30 अप्रैल से परेड ग्राउंड पर धरना दे रहे हैं। आंदोलनकारी कर्मचारी इस दरम्यान कई तरह से प्रदर्शन कर अपनी मांगों को दोहरा चुके हैं। दो बार सचिवालय और एक बार मुख्यमंत्री आवास कूच भी कर्मचारी कर चुके हैं।
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प्रदर्शन के इसी क्रम में बृहस्पतिवार को सैकड़ों कर्मचारियों ने परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया था। जुलूस की शक्ल में निकले कर्मचारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर सचिवालय से पहले ही रोक लिया, लेकिन कुछ कर्मचारी बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास करने लगे। इस बीच पुलिस को लाठियां भी फटकारनी पड़ी। इस दौरान दो कर्मचारी वहां बेहोश होकर गिर गए। पुलिस फोर्स के साथ मौके पर मौजूद डालनवाला कोतवाल ने कर्मचारियों को समझाने का भी प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने 400 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया और सुद्धोवाला जेल ले गए। वहां भी उन्होंने धरना-प्रदर्शन जारी रखा। वे जेल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। चौकी प्रभारी करनपुर कोमल सिंह रावत ने बताया कि सभी को जेल परिसर के मैदान में रखा गया है। देर रात एसडीएम विकासनगर कौस्तुभ मिश्रा और सीओ सिटी शेखर सुयाल जेल परिसर में पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पूर्व कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।
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छुट्टी के वक्त रास्ता बंद होने से परेशान हुए बच्चे
जिस समय 108 कर्मचारी सचिवालय कूच कर रहे थे, उसी वक्त सेंट जोजेफ्स एकेडमी की छुट्टी का समय होता है। स्कूल से थोड़ा पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर बच्चों को रोक दिया गया था। रास्ता बंद होने की वजह से काफी देर तक अभिभावक दूसरी तरफ खड़े रहे। बाद में पुलिस ने उनके निकलने की व्यवस्था की।