एक्सक्लूसिव: कोविड के बीच उत्तराखंड को मिले 3771 करोड़ निवेश के 904 प्रस्ताव
- कोविड से आर्थिक झटका लगने के बाद निवेशकों ने दिखाई रुचि
- सिंगल विंडो से 874 एमएसएमई और 30 बड़े उद्योग में निवेश का प्रस्ताव
- संभावित निवेश से 22 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
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कोविड-19 महामारी के कारण आर्थिक झटका लगने के बाद भी निवेशकों ने उत्तराखंड में उद्योग लगाने में रुचि दिखाई है। सिंगल विंडो के माध्यम से सरकार को 3771 करोड़ निवेश के 904 प्रस्ताव मिले हैं। जिसमें 22 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
प्रदेश सरकार की ओर से औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यही वजह है कि कोविड महामारी के कारण उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान के बावजूद भी निवेशकों ने उत्तराखंड में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है।
वर्ष 2020 में दिसंबर तक सरकार को सिंगल विंडो के माध्यम से 904 प्रस्ताव मिले हैं। जिसमें 3771 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इसमें 874 एमएसएमई और 30 बड़े उद्योग के प्रस्ताव शामिल हैं। यदि ये निवेश धरातल पर उतरा तो प्रदेश के 22 हजार लोगों को उद्योगों में रोजगार मिल सकता है।
निवेश के लिए बेहतर जगह मान रहे
निवेशक उत्तराखंड को पर्यटन, हेल्थ एवं वेलनेस, फूड प्रोसेसिंग समेत अन्य क्षेत्रों में निवेश के लिए बेहतर जगह मान रहे हैं। सिंगल विंडो से मिले प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ ही उद्योग लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर सरकार का विशेष फोकस है।
कोविड महामारी के बावजूद भी उत्तराखंड में निवेश की निरंतरता बनी हुई है। राज्य को निवेश प्रोत्साहन एवं सुगमता केंद्र में देश के सर्वश्रेष्ठ राज्य में स्थान हासिल हुआ है। सरकार की ओर से निवेश को आसान बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उद्योग को भूमि उपलब्ध कराने के लिए राजस्व में और सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है।
- सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक उद्योग
बड़े उद्योगों को सबसे बड़ी जरूरत छोटे वेंडर्स की होती है। जो फीडर यूनिट के रूप में काम करती है। सरकार को चाहिए कि प्रदेश में छोटे वेंडर्स को बढ़ावा दें। बड़े उद्योग लगने से सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलता है। इस राजस्व से कुछ प्रतिशत सरकार उद्योगों को दें। जिससे वे अपने साथ छोटे वेंडर्स भी साथ में ला सके।
- विपुल डावर, उपाध्यक्ष सीआईआई