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एक्सक्लूसिव: केंद्र से जारी हुआ बजट, लेकिन उत्तराखंड में बच्चों को न स्कूल ड्रेस मिली और न पैसा

Sat, 02 Jan 2021 02:47 AM IST
अलका त्यागी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 02 Jan 2021 02:47 AM IST
सार

  • लापरवाही : प्रदेश के करीब 6 लाख छात्र-छात्राओं की ड्रेस के लिए केंद्र और राज्य से जारी हो चुका है बजट

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Exclusive: Uttarakhand Government Not Give school Uniform Or Money To Students
स्कूल जाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजब गजब हैं। छात्र-छात्राओं की स्कूल ड्रेस के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार से धनराशि मिली, इसके बावजूद छह लाख बच्चों को न ड्रेस मिली न इसके लिए उन्हें पैसा ही दिया गया। बच्चे इसके लिए पूरे साल इंतजार करते रह गए। यह हाल तब है जबकि वर्तमान शिक्षा सत्र 2020-21 खत्म होने वाला है और तीन महीने बाद नया शिक्षा सत्र शुरू हो जाएगा।

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समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेेश में कक्षा एक से आठवीं तक के सरकारी और अशासकीय स्कूलों के बच्चों को हर साल निशुल्क ड्रेस दी जाती है। स्कूल ड्रेस पर खर्च होने वाली कुल धनराशि का 90 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार की ओर से दिया जाता है, जबकि शेष दस फीसदी धनराशि राज्य सरकार वहन करनी है।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक स्कूल ड्रेस के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत 35 करोड़ से अधिक की धनराशि जिलों को जारी की जा चुकी है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते अब तक छात्र-छात्राओं को न तो स्कूल ड्रेस दी गई और न ही इसके लिए धनराशि दी गई।
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नियमानुसार अप्रैल व मई 2020 तक बच्चों को स्कूल ड्रेस मिल जानी चाहिए थी। हालांकि इस बार कोविड-19 के चलते नौ महीने तक स्कूल बंद रहे, लेकिन मिड डे मील एवं अन्य योजनाओं की तरह बच्चों को स्कूल ड्रेस या इस मद में उनके खातों में धनराशि दी जा सकती थी। वहीं, कुछ स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का कहना है कि विभाग की ओर से इस तरह के निर्देश मिले हैं कि बच्चों की स्कूल ड्रेस की धनराशि को अग्रिम आदेशों तक खर्च न किया जाए।

मंत्री चाहते हैं फर्म के माध्यम से दी जाए ड्रेस

विभागीय सूत्रों के मुताबिक शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे चाहते हैं कि बच्चों को दी जानी वाली स्कूल ड्रेस किसी फर्म के माध्यम से दी जाए। इसके लिए विभाग में टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाए। यही वजह है कि इस बार अब तक प्रदेश के लाखों बच्चों को स्कूल ड्रेस नहीं मिल पाई है। वहीं, इस बाबत शिक्षा मंत्री का पक्ष जानने के लिए कई बार उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जब उनका पक्ष आएगा तो प्रकाशित किया जाएगा।

वर्तमान शिक्षा सत्र में बच्चों को स्कूल ड्रेस के लिए शिक्षा निदेशालय के माध्यम से जिलों को और जिलों के माध्यम से स्कूलों को धनराशि भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक बच्चों को ड्रेस क्यों नहीं मिली, इसे दिखवाया जाएगा।
-एसपी खाली, अपर निदेशक, बेसिक शिक्षा, गढ़वाल मंडल

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