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एक्सक्लूसिव: राजधानी देहरादून में एचआईवी जांच के लिए गर्भवती महिलाओं को काटने पड़ रहे तीन अस्पतालों के चक्कर 

Sat, 30 Jan 2021 02:44 AM IST
अलका त्यागी मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 30 Jan 2021 02:44 AM IST
सार

  • राजधानी में गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रही एचआईवी जांच की समुचित सुविधा

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Exclusive: Pregnant women Not Get HIV screening in Dehradun Hospitals
गर्भवती महिला - फोटो : shutterstock

विस्तार

एचआईवी जांच के लिए गर्भवती महिलाओं को तीन अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद गर्भवतियों को एचआईवी जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते कई गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों से जांच करानी पड़ रही है।

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दरअसल, जब से राजकीय दून जिला अस्पताल मेडिकल अस्पताल के रूप में तब्दील हुआ तभी से दून अस्पताल में मरीजों की एचआईवी जांच नहीं हो पा रही है। महिला दून अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के उपचार की व्यवस्था को गांधी शताब्दी अस्पताल परिसर में शिफ्ट कर दिया गया था।
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ऐसे में राजकीय दून मेडिकल अस्पताल के एचआईवी जांच करने वाले स्टाफ को भी गांधी शताब्दी अस्पताल भेजने के आदेश हुए थे, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बावजूद गांधी शताब्दी अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों की एचआईवी जांच की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है।
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इससे सबसे अधिक दिक्कत गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। उन्हें गांधी शताब्दी अस्पताल से कभी कोरोनेशन अस्पताल परिसर तो कभी राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेजा जा रहा है। दून अस्पताल में एचआईवी जांच की व्यवस्था सीमित होने की वजह से मरीजों को लंबी लाइन लगानी पड़ती है।

गर्भ में एचआईवी का पता लगने पर कम किया जा सकता है वायरल लोड
जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी एवं एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के जानकार डॉ. एसके पांडे ने बताया कि गर्भवती महिला में एचआईवी संक्रमण का समय पर पता लगने पर गर्भ में पल रहे शिशु का वायरल लोड कम किया जा सकता है। इसके लिए गर्भवती महिला को गर्भ के समय से ही जरूरी दवाएं और अन्य उपचार दिया जाता है। सही समय पर एचआईवी का पता न लगने पर जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि अगर एचआईवी जांच की समुचित सुविधा नहीं है तो इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा।

शुक्रवार को भटकती रहीं गर्भवती महिलाएं

शुक्रवार को गांधी शताब्दी अस्पताल के डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को एचआईवी जांच के लिए राजकीय जिला अस्पताल के कोरोनेशन परिसर भेजा। जब गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन कोरोनेशन अस्पताल पहुंचे तो वहां बताया गया कि यहां पर एचआईवी जांच की किट खत्म हो चुकी है। इसलिए यहां जांच नहीं हो सकती। गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन फिर गांधी शताब्दी अस्पताल पहुंचे। जहां से उन्हें दून अस्पताल भेजा गया। दून अस्पताल में स्टाफ कम होने की वजह से उनको लंबी लाइन में लगना पड़ा। कई महिलाओं की एचआईवी जांच भी नहीं हो पाई। इसके चलते उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

एचआईवी से संबंधित जांच के लिए स्टाफ को दून अस्पताल से गांधी अस्पताल में शिफ्ट होना था, लेकिन अभी अस्पताल में जगह का अभाव होने की वजह से एचआईवी जांच नहीं की जा रही है। इसके लिए शीघ्र व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. मनोज उप्रेती, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय जिला अस्पताल 

अगर जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच नहीं हो पा रही है तो यह मामला गंभीर है। इसे मैं अपने स्तर से खुद दिखवाउंगा। साथ ही इसके लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है, तत्काल हर संभव प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही इस बारे में संबंधित अस्पतालों और अधिकारियों को सख्त दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
- डॉ. अनूप कुमार डिमरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून

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