एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में भी मनरेगा श्रमिकों को ईपीएफ से जोड़ने की तैयारी
- ग्राम्य विकास विभाग के सचिव ने ईपीएफओ को भेजा पत्र, कई राज्यों में मिल रहा है लाभ
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उत्तर प्रदेश, बिहार व अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तराखंड में भी मनरेगा (महात्मा गांधी नेशनल रूरल इंप्लायमेंट गारंटी एक्ट 2005) योजना के श्रमिकों को कर्मचारी भविष्य निधि का लाभ देने की तैयारी है। इसे लेकर ग्राम्य विकास सचिव ने कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय (ईपीएफओ) को प्रस्ताव भेजा है। इस पर ईपीएफओ ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे हजारों की संख्या में श्रमिक व कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
ग्राम्य विकास की ओर से 10 दिसंबर को ईपीएफ कार्यालय को पत्र भेजकर मनरेगा श्रमिकों को ईपीएफ का लाभ देने की इच्छा जाहिर की गई और आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया। इसके बाद ईपीएफओ कार्ययोजना तैयार करने में जुटा है, जो अंतिम चरण में है।
विभाग ने श्रमिकों को पीएफ कोड जल्द मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया है। ईपीएफओ के अनुसार, अगर सचिव स्तर पर मंजूरी मिल जाती है तो श्रमिकों को जल्द ईपीएफ का लाभ मिलने लगेगा। इसका खाका भी तैयार किया जा चुका है।
कर्मचारियों को भी मिल सकता है लाभ
मनरेगा योजना में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को भी ईपीएफ का लाभ देने की योजना है। साथ ही योजना में कार्यरत 15 हजार रुपये से ज्यादा मासिक वेतन वाले कर्मचारियों को भी इसका लाभ देने की तैयारी है।
ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त मनोज कुमार यादव ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग ने इसकी इच्छा जाहिर की है। बता दें कि अभी अधिकतम 15 हजार की मासिक आय वाले कर्मचारियों को ही ईपीएफ का लाभ देना अनिवार्य है।
साढ़े 5 करोड़ का बजट हो रहा लैप्स
ईपीएफओ के अनुसार, ग्राम्य विकास ने पत्र में जिक्र किया है कि मनरेगा में हर साल करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये का बजट लैप्स हो रहा है। इस राशि को ईपीएफ में समायोजित करने की योजना है।
पीआरडी, होमगार्डों को भी लाभ देने की इच्छा
ईपीएफओ पीआरडी जवानों व होमगार्डों को भी ईपीएफ का लाभ देना चाहता है। इसके लिए संबंधित विभागों से संपर्क भी साधा गया है। लेकिन, विभाग कई बार सकारात्मक रुख नहीं दिखाते। इसलिए योजना परवान नहीं चढ़ पाती। इसके लिए सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी करने की जरूरत भी बताई गई, ताकि सभी विभाग कर्मियों को लाभ देने को बाध्य हो सकें।
ग्राम्य विकास सचिव द्वारा मनरेगा श्रमिकों को ईपीएफ का लाभ देने के लिए पत्र भेजा गया था। अंतिम मंजूरी शासन स्तर से ही मिलनी है। अभी तक यूपी, बिहार व अन्य राज्यों में मनरेगा श्रमिकों को ईपीएफ का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में भी इस दिशा में पहल करना अच्छा कदम है। इसके अलावा हम होमगार्ड व पीआरडी जवानों को भी ईपीएफ से जोड़ना चाहते हैं।
-मनोज कुमार यादव, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफ उत्तराखंड।