Exclusive: उत्तराखंड में रोपवे प्रोजेक्ट को फास्ट ट्रैक मोड में मिलेगी मंजूरी, जानिए योजना के बारे में सब कुछ
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जल, वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम के तहत विभिन्न उद्योगों को लाल, नारंगी, हरित और सफेद श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है, लेकिन इस अधिनियम में तहत तमाम ऐसे उद्योग और परियोजनाएं श्रेणीबद्ध नहीं है, जिनको पर्यावरणीय मंजूरी की जरूरत पड़ती है।
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उत्तराखंड में लगने वाले रोपवे प्रोजेक्ट को अब शीघ्र ही पर्यावरणीय मंजूरी मिल सकेगी। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने रोपवे सहित ऐसे उद्योगों को पर्यावरणीय मंजूरी देने के लिए एक कमेटी का गठन किया है, जो उद्योग किसी कैटेगरी में नहीं आते हैं। इसके बाद रोपवे प्रोजेक्ट सहित होटल, धर्मशालाओं और अन्य प्रकार के प्रोजेक्ट फास्ट ट्रैक मोड में मंजूरी मिल सकेगी।
बीते दिनों देहरादून में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद धामी सरकार ने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के एमओयू साइन किए हैं। ऐसे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में दिक्कत न हो, इसके लिए पहले से तैयारी कर दी है। खासकर पर्यावरणीय स्वीकृतियों के चक्कर में प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटके रहते हैं। भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए रास्ता निकाला गया है।
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इसके लिए पीसीबी की ओर से एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। उच्च स्तर पर गठित समिति राज्य में स्थापित या संचालित होने वाले ऐसे उद्योगों एवं परियोजनाओं की श्रेणी निर्धारित करेगी, जो अभी किसी श्रेणी में नहीं आते हैं। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य पर्यावरण अधिकारी को बनाया कमेटी का अध्यक्ष
मुख्य पर्यावरण अधिकारी चंदन सिंह को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पर्यावरण अभियंता पीके जोशी, डॉ. अंकुर कंसल, वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह और सहायक पर्यावरण अभियंता सुभाष चंद्र पंवार को बतौर सदस्य कमेटी में शामिल किया गया है।
उत्तराखंड की भौगोलिक स्थितियां भिन्न होने से यहां कई ऐसे प्रोजेक्ट संचालित होते हैं, जो दूसरे प्रदेशों में नहीं हैं। रोपवे प्रोजेक्ट भी इनमें से एक है। इसलिए पूर्व में इन प्रोजेक्ट और ऐसे उद्योगों की कैटेगरी निर्धारित नहीं है। उत्तराखंड में लगने वाले रोपवे प्रोजेक्ट और अन्य प्रकार के उद्योगों की श्रेणी निर्धारित कर शीघ्र आगे की कार्रवाई की जा सके, इसके लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है।
- एसके पटनायक, सदस्य सचिव, पीसीबी