फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   ex army man not getting job from upnl.

अपने 'घर' में पूर्व फौजियों को नहीं मिला हक

Wed, 21 Jan 2015 10:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 21 Jan 2015 10:11 AM IST
विज्ञापन
ex army man not getting job from upnl.

उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम यानी उपनल। नाम से ही जाहिर है कि पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए बना संस्थान। लेकिन यह मकसद कहीं पीछे छूटता जा रहा है। इसकी वजह इसके साथ जुड़े प्रावधान हैं।

विज्ञापन


नाम चाहे जो हो लेकिन निगम के लिए पूर्व सैनिकों को ही रोजगार देने जैसी कोई बाध्यता नहीं है। निगम के पास अपने स्तर से भर्ती करने का भी कोई अधिकार नहीं है।
विज्ञापन


निगम विभिन्न सरकारी संस्थानों को उनकी मांग और जरूरत के अनुसार योग्य कर्मचारी सप्लाई करता है। लेकिन इसके जरिए भर्ती पाने वाले पूर्व सैनिक लगातार घटते जा रहे हैं। इसके पीछे इसकी स्थापना के समय ही किया गया प्रावधान है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उपनल से जुड़ा विवाद इतना भर नहीं है कि प्रदेश के पूर्व सैनिक संगठन इसे निगम की मनमानी बताते हैं कि वह गैर पूर्व सैनिकों की भी भर्ती करता है, बल्कि नेताओं के दखल और मनमानी ने इसे और विवादित बना दिया है।

सरकार के फैसले से घटी पूर्व सैनिकों की नौकरी

ex army man not getting job from upnl.

सरकार ने भी निगम की भूमिका में कई बार बदलाव किया। मंत्रिमंडल के फैसले के बाद शासन ने निगम के माध्यम से होने वाली तैनातियों को लेकर दो शासनादेश किए। पहला, मुख्य नियोक्ता विभाग की मांग के अनुरूप निगम को कर्मचारी उपलब्ध करवाना है, जिसमें आरक्षण नियमावली का पालन अनिवार्य है।

हालांकि आदेश में दूसरी तरफ पूर्व सैनिकों के रोजगार हितों को सुरक्षित रखने की बात भी कही गई है। ऐसे में पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के रोजगार के अवसर घटना स्वभाविक है, इसके बावजूद नौकरी पाने वाले कर्मचारियों में करीब 65 फीसदी सैन्य परिवारों से हैं।

उपनल को भी विभागों की जरूरत और कर्मियों की पात्रता देखनी होती है। यदि कोई सक्षम पूर्व सैनिक नहीं मिलता है तो उसे अन्य किसी को भर्ती के लिए भेजना पड़ता है।

यह है आरक्षण का प्रावधान

ex army man not getting job from upnl.

भर्तियों में राज्याधीन सेवाओं के अंतर्गत स्वीकृत पदों के सापेक्ष आउटसोर्सिंग के माध्यम से किये जाने वाले सेवायोजन में आरक्षण का प्रावधान 25 मई 2012 को लागू किया गया। प्रमुख सचिव दिलीप कुमार कोटिया का शासनादेश कैबिनट के फैसले के बाद जारी किया गया है। 12 जून 2013 को मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने उपनल की भूमिका को स्पष्ट करते हुए आदेश जारी किये थे।

उपनल के जरिए विभिन्ना विभागों में तैनात कर्मी
पूर्व सैनिक - 4183
पूर्व सैनिक आश्रित - 1733
आरक्षित वर्ग - 1512
पद जिनपर पूर्व सैनिक नहीं मिले - 1098
उपनल के अन्य कर्मचारी - 2711
राज्य से बाहर कार्यरत - 2721
टीजी टू के पद - 1286

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed