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अमृत 2.0 में शहर के हर घर को मिलेगा पानी कनेक्शन, 22 ग्रीन पार्क बनेंगे
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शिमला बाईपास में सड़क किनारे लगे पानी के पाइपों के ढ़ेर।संवाद
- फोटो : DEHRADUN
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अमृत 2.0 (दूसरा संस्करण) के तहत शहरी क्षेत्र के हर घर को पानी कनेक्शन मिलेगा। हर घर को सीवर या सेप्टिक टैंक से जोड़ने की योजना है। साथ ही शहर में 22 ग्रीन पार्क भी बनाए जाएंगे। इस योजना के तहत नगर निगम में अप्रैल माह से काम शुरू हो जाएगा, जिसके लिए 2026 तक की समयसीमा तय की गई है।
अमृत (अटल मिशन फॉर रिजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना के तहत शहर के बड़े हिस्से को पेयजल और सीवर लाइन से जोड़ा गया है। कई जगहों पर काम पूरा हो चुका है जबकि कई इलाके ऐसे हैं जहां काम अंतिम फेज में है। अब इसका दूसरा संस्करण अप्रैल में शुरू होने जा रहा है। नगर निगम देहरादून से इसके लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र के हर घर को नल यानी पानी कनेक्शन देने की तैयारियां हैं। साथ ही भौगोलिक स्थिति के अनुसार घरों को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा, जहां पर सीवर लाइन से जोड़ना संभव नहीं है वहां सेप्टिक टैंक बनाए जाएंगे। यह टैंक इस तरह से डिजाइन होंगे कि इन्हें जल्दी खाली कराना न पड़े। जल्द ही नगर निगम सर्वे शुरू कर देगा। नगर निगम में अमृत योजना के नोडल अफसर आशीष कठैत ने बताया कि यह योजना अप्रैल 2022 से शुरू हो जाएगी। इसे पूरा करने के लिए चार वर्ष का समय दिया जाएगा।
बनेंगे 22 ग्रीन पार्क
इस योजना के तहत शहरों में ग्रीन पार्क भी बनाए जाएंगे। इसके लिए पार्षदों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। अभी तक के सर्वे के अनुसार करीब 22 पार्कों का निर्माण नगर निगम देहरादून क्षेत्र में किया जा सकता है। पार्षदों के प्रस्ताव के बाद इन्हें बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
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पानी कितना पिया कितना बर्बाद किया सब चलेगा पता
अमृत योजना के तहत हाथीबड़कला क्षेत्र में घरों में मीटर लगाए गए हैं। इसके अलावा यहां पर स्कैडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वीसीजन) सिस्टम से पाइप लाइन में लिकेज के बारे में भी पता चल जाएगा। इससे पता चलेगा कि कितना पानी खर्च हुआ और कितना बर्बाद।
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अमृत (अटल मिशन फॉर रिजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना के तहत शहर के बड़े हिस्से को पेयजल और सीवर लाइन से जोड़ा गया है। कई जगहों पर काम पूरा हो चुका है जबकि कई इलाके ऐसे हैं जहां काम अंतिम फेज में है। अब इसका दूसरा संस्करण अप्रैल में शुरू होने जा रहा है। नगर निगम देहरादून से इसके लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र के हर घर को नल यानी पानी कनेक्शन देने की तैयारियां हैं। साथ ही भौगोलिक स्थिति के अनुसार घरों को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा, जहां पर सीवर लाइन से जोड़ना संभव नहीं है वहां सेप्टिक टैंक बनाए जाएंगे। यह टैंक इस तरह से डिजाइन होंगे कि इन्हें जल्दी खाली कराना न पड़े। जल्द ही नगर निगम सर्वे शुरू कर देगा। नगर निगम में अमृत योजना के नोडल अफसर आशीष कठैत ने बताया कि यह योजना अप्रैल 2022 से शुरू हो जाएगी। इसे पूरा करने के लिए चार वर्ष का समय दिया जाएगा।
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बनेंगे 22 ग्रीन पार्क
इस योजना के तहत शहरों में ग्रीन पार्क भी बनाए जाएंगे। इसके लिए पार्षदों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। अभी तक के सर्वे के अनुसार करीब 22 पार्कों का निर्माण नगर निगम देहरादून क्षेत्र में किया जा सकता है। पार्षदों के प्रस्ताव के बाद इन्हें बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
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पानी कितना पिया कितना बर्बाद किया सब चलेगा पता
अमृत योजना के तहत हाथीबड़कला क्षेत्र में घरों में मीटर लगाए गए हैं। इसके अलावा यहां पर स्कैडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वीसीजन) सिस्टम से पाइप लाइन में लिकेज के बारे में भी पता चल जाएगा। इससे पता चलेगा कि कितना पानी खर्च हुआ और कितना बर्बाद।