फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Every house in the city will get water connection in Amrit 2.0

अमृत 2.0 में शहर के हर घर को मिलेगा पानी कनेक्शन, 22 ग्रीन पार्क बनेंगे

Tue, 22 Feb 2022 11:47 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 22 Feb 2022 11:47 PM IST
विज्ञापन
Every house in the city will get water connection in Amrit 2.0
शिमला बाईपास में सड़क किनारे लगे पानी के पाइपों के ढ़ेर।संवाद - फोटो : DEHRADUN
अमृत 2.0 (दूसरा संस्करण) के तहत शहरी क्षेत्र के हर घर को पानी कनेक्शन मिलेगा। हर घर को सीवर या सेप्टिक टैंक से जोड़ने की योजना है। साथ ही शहर में 22 ग्रीन पार्क भी बनाए जाएंगे। इस योजना के तहत नगर निगम में अप्रैल माह से काम शुरू हो जाएगा, जिसके लिए 2026 तक की समयसीमा तय की गई है।
विज्ञापन

अमृत (अटल मिशन फॉर रिजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना के तहत शहर के बड़े हिस्से को पेयजल और सीवर लाइन से जोड़ा गया है। कई जगहों पर काम पूरा हो चुका है जबकि कई इलाके ऐसे हैं जहां काम अंतिम फेज में है। अब इसका दूसरा संस्करण अप्रैल में शुरू होने जा रहा है। नगर निगम देहरादून से इसके लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र के हर घर को नल यानी पानी कनेक्शन देने की तैयारियां हैं। साथ ही भौगोलिक स्थिति के अनुसार घरों को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा, जहां पर सीवर लाइन से जोड़ना संभव नहीं है वहां सेप्टिक टैंक बनाए जाएंगे। यह टैंक इस तरह से डिजाइन होंगे कि इन्हें जल्दी खाली कराना न पड़े। जल्द ही नगर निगम सर्वे शुरू कर देगा। नगर निगम में अमृत योजना के नोडल अफसर आशीष कठैत ने बताया कि यह योजना अप्रैल 2022 से शुरू हो जाएगी। इसे पूरा करने के लिए चार वर्ष का समय दिया जाएगा।
विज्ञापन

बनेंगे 22 ग्रीन पार्क
इस योजना के तहत शहरों में ग्रीन पार्क भी बनाए जाएंगे। इसके लिए पार्षदों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। अभी तक के सर्वे के अनुसार करीब 22 पार्कों का निर्माण नगर निगम देहरादून क्षेत्र में किया जा सकता है। पार्षदों के प्रस्ताव के बाद इन्हें बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पानी कितना पिया कितना बर्बाद किया सब चलेगा पता
अमृत योजना के तहत हाथीबड़कला क्षेत्र में घरों में मीटर लगाए गए हैं। इसके अलावा यहां पर स्कैडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वीसीजन) सिस्टम से पाइप लाइन में लिकेज के बारे में भी पता चल जाएगा। इससे पता चलेगा कि कितना पानी खर्च हुआ और कितना बर्बाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed