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हरेला 2020: उत्तराखंड में अब एक-एक पौधा गोद लेंगे ग्राम प्रधान, रोजाना करेंगे देखभाल

Thu, 16 Jul 2020 11:54 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Thu, 16 Jul 2020 11:54 PM IST
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Harela Festival 2020:  Every Gram Prdhan will adopt one plant in Uttarakhand
- फोटो : फाइल फोटो

उत्तराखंड में ग्राम प्रधान हरेला पर्व पर रोपे गए पौधों में से एक-एक पौधा गोद लेंगे। वे इन पौधों की देखभाल करेंगे। बृहस्पतिवार को हरेला पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ग्राम प्रधानों का एक-एक पौधा गोद लेने का आह्वान किया। हरेला पर्व पर राज्यपाल, प्रदेश सरकार के मंत्रियों व राज्य के लोगों ने प्रदेश भर में  बड़ी संख्या में पौधे लगाए।

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हरेला पर्व पर पूरे प्रदेश में लाखों पौधे रोपे गए। वन एवं बागवानी विभाग ने 10 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य रखा था। कुल 30 लाख पौधे लगाए गए। सिर्फ देहरादून में ही एक घंटे में साढ़े तीन लाख पौधों रोपने का रिकार्ड बनाया गया। चंपावत में सबसे अधिक नौ लाख पौधे लगाए गए। सघन पौधारोपण के साथ-साथ प्रदेश सरकार की यह चिंता भी है रोपे जाने वाले पौधे जीवित कैसे रहेंगे? इसे लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोगों से पौधे गोद लेने की अपील की। उन्होंने गांवों में प्रधानों और शहरों में लोगों से एक-एक पौधा गोद लेने का आह्वान किया। 
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हर जिले में एक हजार पौधे लगाएंगे राज्य आंदोलनकारी
राज्य आंदोलनकारियों ने हर जिले में कम से कम एक हजार पौधे रोपने का फैसला किया है। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के मुख्य केंद्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि हरेला पर्व पर राज्य आंदोलनकारियों ने अपने-अपने स्थानों पर पौधे लगाए। धीरेंद्र प्रताप के मुताबिक समिति ने हर जिले में कम से कम एक हजार पौधे लगाने का फैसला किया है। इस तरह से पूरे प्रदेश में 13 हजार पौधे लगाए जाएंगे। धीरेंद्र प्रताप ने इसी के साथ प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह केंद्र सरकार से ग्रीन बोनस की मांग करें। 

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पर्यावरण संरक्षण के साथ ही जीवन रक्षा का पर्व है हरेला

राजभवन ने कोविड महामारी को देखते हुए यह साफ संदेश दिया कि हरेला को पर्यावरण संरक्षण का ही नहीं बल्कि जीवन रक्षा का पर्व भी बनाया जाए। इस संदेश को धरातल पर उतारने के लिए हरेला पर्व पर राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने राजभवन में औषधीय पौधों को रोपा और करीब 500 महिलाओं को इस तरह के पौधे भी दिए। 

पौधरोपण कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि हल्दी, घृतकुमारी, गिलोय, तुलसी और लेमनग्रास के पांच पौधे हर घर में होने चाहिए। पौधरोपण के समय औषधीय व स्वास्थ्य की रक्षा करने वाले पौधों को विशेष महत्व दिया जाना चाहिए। कोविड-19 के दौर में पारंपरिक औषधीय पौधों का उपयोग और महत्व बढ़ गया है। हल्दी, धनिया, काली मिर्च, जीरा, अजवाइन के साथ ही गिलोय, नीम, आंवला जैसे पौधों को घरों के गार्डन, गमलों में आसानी से उगाया जा सकता है। 

वन एवं पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि राज्य में वनों के संरक्षण में लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। पर्यावरणविद डा.अनिल जोशी ने कहा कि राज्य की मातृ शक्ति का पर्यावरण संरक्षण व पलायन रोकने में अहम योगदान है। 

वैली कल्चर संस्था तथा यूनेस्को क्लब की ओर से लगभग 500 पौधे ग्रामीण महिलाओं को बांटे गए। प्रमुख वन संरक्षक जयराज, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल सुशांत पटनायक, वन विभाग के अधिकारी, वैली कल्चर की वैद्य शिखा, यूनेेस्को क्लब के डा. राजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।

पूरे प्रदेश की महिलाओं को बुलाएंगे राजभवन
देहरादून। कोरोना की स्थिति सामान्य होने पर पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण आर्थिकी और स्वरोजगार पर प्रदेश भर की महिलाओं को राजभवन बुलाकर उनसे बात की जाएगी। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कार्यक्रम में इस योजना का खुलासा किया।

हमारा लोकल हरेला ग्लोबल बनेगा : भगत

हरेला पर्व पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत और पार्टी पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में पौधरोपण किया। भगत ने हल्द्वानी में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व विधायक बिशन सिंह चुफाल के साथ पौधरोपण किया। भगत ने कहा कि हरेला के पर्यावरणीय महत्व को एक दिन पूरी दुनिया समझेगी और वह दिन दूर नहीं जब हमारा लोकल हरेला ग्लोबल बन जाएगा।

भगत ने कहा कि प्रकृति पूजन का प्रतीक ‘हरेला लोक पर्व’ उत्तराखंड में ही नहीं बल्कि देश और दुनिया के कई क्षेत्रों में मनाया जाने लगा है। इसका एक सीधा और स्पष्ट कारण है कि हरेला ने समस्त मानवजाति को एक नेक मकसद से अपने साथ जोड़ा है। यह मकसद है प्रकृति को बचाने का, पेड़ लगाने का, धरती को हरा भरा बनाने का है। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग का परचम पूरी दुनिया में फैला है, उसी तरह प्रकृति और लोक कल्याण के लोकपर्व हरेला के महत्व को भी पूरी दुनिया समझेगी।

वो दिन दूर नहीं, जब हमारा लोकल हरेला, ग्लोबल बनेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हरेला को अपने सालाना छह प्रमुख कार्यक्रमों में जगह दी है। हरेला के दिन भाजपा के प्रत्येक ब्लॉक स्तर और बूथ स्तर के कार्यालय में पौधरोपण के कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

प्रदेश पार्टी कार्यालय में भी पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.देवेंद्र भसीन, प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल, विपिन कैंथोला, शेखर वर्मा, पारितोष बंगवाल, प्रदेश कार्यालय सचिव कौस्तुभानंद जोशी, सीएम के ओएसडी ऊर्बादत्त भट्ट उपस्थित रहे।

सांसद अजय भट्ट ने भी रोपे पौधे
भाजपा के सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने रेसकोर्स स्थित दून वेल पब्लिक स्कूल में हरेला पर्व पर पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग व जलवायु परिवर्तन की समस्यां से छुटकारा पाने के लिए हर व्यक्ति को पौधे लगाने का संकल्प लेना होगा।

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