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सांध्यकालीन छात्रों के लिए सूरज अभी डूबा नहीं
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 15 Sep 2014 09:38 PM IST
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12वीं पास बच्चों को सांध्य कालीन कक्षाओं में दाखिले के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी गई है। दाखिले की अंतिम तारीख 15 से बढ़ाकर 22 सितंबर कर दी गई है।
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उच्च शिक्षा विभाग को यह फैसला इसलिए लेना पड़ा है कि प्रदेश केकई जिलों में सांध्य कालीन कक्षाओं में विद्यार्थियों ने दाखिले में रुचि नहीं दिखाई है। शासन ने हाईकोर्ट के फैसले को देखते हुए महाविद्यालयों को यह भी निर्देश दिए हैं कि अगर दाखिले समय पर नहीं होते हैं तो भी 180 दिनों को शैक्षिक कलेंडर अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर सुनिश्चित करें।
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दाखिले को लेकर दिक्कत न खड़ी हो
हाईकोर्ट के निर्देशों पर सरकार ने राजकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में द्वितीय पाली में कक्षाएं चलाने का फैसला लिया था। ताकि दाखिले को लेकर दिक्कत न खड़ी हो। सभी जिलाधिकारियों को संबंधित महाविद्यालयों में ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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सरकार की ओर से इन महाविद्यालयों में रिटायर शिक्षकों और पहली पाली के शिक्षकों से 250 रुपए प्रति कक्षा पढ़वाने की अतिरिक्त व्यवस्था भी की गई है। बावजूद सांध्य कक्षाओं के लिए महाविद्यालय को छात्र नहीं मिल रहे हैं।
75 फीसदी हाजिरी भी अनिवार्य
छात्रों के दाखिला न लेने पीछे शासन का तर्क है कि पिछले दिनों तमाम महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव चल रहे थे। जिसके चलते उतनी संख्या में दाखिले नहीं हुए हैं।
वहीं उच्च शिक्षा विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि सांध्य कक्षाओं के लिए वहीं शर्ते रखी गई हैं जो पहली पाली में है इसलिए गंभीर छात्र ही दाखिला ले रहे हैं। सांध्य कक्षाओं के लिए 180 दिनों को कलेंडर अनिवार्य है। वहीं छात्रों के लिए 75 फीसदी हाजिरी भी अनिवार्य है। इस नियम के चलते भी छात्र मुक्त विश्वविद्यालय या अन्य संस्थानों में जा रहे हैं।