Atul Maheshwari Scholarship: देहरादून में छात्रों में दिखा भारी उत्साह, बोले- सपने पूरे करने में मिलेगी मदद
हर वर्ष अमर उजाला फाउंडेशन अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन करता है। इस बार परीक्षा का पहला चरण देशभर के तीस शहरों के 31 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया गया। उत्तराखंड में पांच शहरों देहरादून, हरिद्वार, कोटद्वार, रुड़की और उत्तरकाशी में परीक्षा का आयोजन किया गया।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2022 को लेकर देहरादून में भी छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह दिखा। परीक्षा का आयोजन हरिद्वार बाईपास स्थित सोशल बलूनी स्कूल में किया गया। परीक्षा में कुल 129 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
सुबह से ही छात्र परीक्षा केंद्र पर पहुंचने लगे थे। परीक्षा सुबह 11 बजे से साढ़े 12 बजे तक आयोजित की गई। हर वर्ष अमर उजाला फाउंडेशन अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन करता है। इस बार रविवार को परीक्षा का पहला चरण देशभर के तीस शहरों के 31 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया गया। उत्तराखंड में पांच शहरों देहरादून, हरिद्वार, कोटद्वार, रुड़की और उत्तरकाशी में परीक्षा का आयोजन किया गया।
देहरादून में परीक्षा में कक्षा नौ के सात, कक्षा 10 के 19, कक्षा 11 के 59 और कक्षा 12 के 46 छात्रों ने भाग लिया। छात्रों ने कहा कि उनका पेपर बहुत अच्छा रहा। उन्हें उम्मीद है कि उनका चयन छात्रवृत्ति के लिए होगा और उन्हें अपने सपने पूरे करने में मदद मिलेगी।
सीए बनना चाहते हैं रोहित
परीक्षा के लिए रोहित चकराता से देहरादून पहुंचे। उनका सपना सीए बनने का है। कक्षा 11 के रोहित चौहान का कहना है कि उनके पिता किसान हैं। उन्हें परीक्षा से काफी उम्मीद है। वह छात्रवृत्ति लेकर अपने सपने को पूरा करना चाहते हैं। उनका पेपर बहुत अच्छा गया। उन्हें उम्मीद है कि उनका चयन छात्रवृत्ति के लिए होगा।
टीचर बनना चाहती है सुमन
देहरादून निवासी सुमन के पिता सब्जी की ठेली लगाते हैं। सुमन का कहना है कि जब उसने अमर उजाला अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा के बारे में पढ़ा तो उसे लगा कि इसके माध्यम से वह अपने सपनों को पूरा कर सकती है। इसलिए उसने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया। बताया कि परीक्षा बहुत अच्छी रही।
नॉलेज बढ़ाने और बेहतर भविष्य के लिए दी परीक्षा
विकासनगर से परीक्षा देने पहुंची 12वीं की छात्रा अंशिका डोभाल का कहना है कि वह जेई मेन्स की तैयारी कर रही है। अपना नॉलेज बढ़ाने और आगे की पढ़ाई में उसकी मदद हो सके इसके लिए उसने परीक्षा दी। बताया कि पिताजी किसान हैं। पेपर बहुत अच्छा गया।
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भविष्य में पढ़ाई के लिए मिलेगी मदद
ऋषिकेश से परीक्षा देने पहुंची काजल का कहना है कि यह परीक्षा उसके लिए इसलिए जरूरी थी कि स्कॉलरशिप मिलने के बाद उसे अपनी पढ़ाई आगे जारी रखने में बड़ी मदद मिलेगी। कहा कि परीक्षा को लेकर वह काफी उत्साहित थी। उसका पेपर बहुत अच्छा गया। उम्मीद है कि वह स्कॉलरशिप के लिए चुनी जाएगी।