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दून घाटी में नालों-खालों की 270 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
Thu, 19 Sep 2019 09:48 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 19 Sep 2019 09:48 AM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दून घाटी के नालों-खालों पर किए गए अतिक्रमण के मामले में सुनवाई के बाद जिलाधिकारी देहरादून व सरकार को वहां हुए अतिक्रमण पर तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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बुधवार को सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी की ओर से पेश जवाब में माना गया कि देहरादून में करीब 270 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण हुआ है। इसमें देहरादून में 100 एकड़, विकासनगर में 140 एकड़, ऋषिकेश में 15 एकड़, मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र डोईवाला में नदियों की 15 एकड़ भूमि अतिक्रमण का शिकार हुई है।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी नवनिर्वाचित पार्षद उर्मिला थापा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि लोगों ने नदी में बने चाल- खाल पर भी अतिक्रमण कर दिया है।
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लोगों ने नदी के आस-पास से हजारों की संख्या में हरे पेड़ों को काट दिया है जिससे आने वाले समय में स्थानीय लोगों के सामने बाढ़ का बड़ा खतरा होगा और केदारनाथ जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी।
इसलिए यहां से अतिक्रमण को हटाया जाए और हरे पेड़ों के कटान पर रोक लगाई जाए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को तीन सप्ताह में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।