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बीस मिनट तक लिफ्ट और दीवार के बीच में फंसा रहा कर्मचारी, बाहर निकालते ही तोड़ा दम
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Tue, 04 Apr 2017 10:06 PM IST
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सिडकुल की एक फार्मा कंपनी में सामान ढोने वाली लिफ्ट में फंसकर एक कर्मचारी की मौत हो गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कंपनी प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। घटना सोमवार देर रात की है।
मूल रूप से गांव चोटिंग तहसील थराली जिला चमोली का रहने वाला जसवंत (22) पुत्र देवसिंह सिडकुल के सेक्टर छह ए में स्थित डीएनबी ओवरसीज इंपेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्यरत था। सोमवार को उसकी नाइट ड्यूटी थी।
कंपनी में लोडिंग-अनलोडिंग डिपार्टमेंट में कार्यरत कर्मचारी लिफ्ट में सामान छोड़ने गया। इसी बीच अचानक लिफ्ट चल दी। कर्मचारी लिफ्ट और दीवार के बीच फंस गया। करीब बीस मिनट बाद लिफ्ट के ऊपर न पहुंचने पर दूसरा कर्मचारी वहां पहुंचा।
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वहां जसवंत लिफ्ट और दीवार के बीच में खून से लथपथ पड़ा था। जसवंत सिंह को सिडकुल के मेट्रो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मंगलवार सुबह जानकारी मिलने पर एसओ कमल मोहन भंडारी ने पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया कंपनी प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। मृतक का भाई भी इसी कंपनी की दूसरी यूनिट में कार्यरत है।
जिम्मेदारी समझते तो न जानी जान
कंपनी प्रबंधन को यदि अपनी जिम्मेदारी का अहसास होता तो शायद कर्मचारी की जान न जाती। दरअसल, सामान ढोने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल होता है। सामान उतारने और चढ़ाने की जिम्मेदारी में दूसरे कर्मचारी की तैनाती होती है या फिर सिक्योरिटी गार्ड तैनात होता है।
कंपनी ने इस तरह की व्यवस्था नहीं की हुई थी। एसओ कमल मोहन भंडारी की मानें तो लापरवाही कंपनी के स्तर पर हुई। उन्होंने कहा कि यदि मृतक का भाई लिखित में शिकायत देता है तो कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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मूल रूप से गांव चोटिंग तहसील थराली जिला चमोली का रहने वाला जसवंत (22) पुत्र देवसिंह सिडकुल के सेक्टर छह ए में स्थित डीएनबी ओवरसीज इंपेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्यरत था। सोमवार को उसकी नाइट ड्यूटी थी।
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कंपनी में लोडिंग-अनलोडिंग डिपार्टमेंट में कार्यरत कर्मचारी लिफ्ट में सामान छोड़ने गया। इसी बीच अचानक लिफ्ट चल दी। कर्मचारी लिफ्ट और दीवार के बीच फंस गया। करीब बीस मिनट बाद लिफ्ट के ऊपर न पहुंचने पर दूसरा कर्मचारी वहां पहुंचा।
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वहां जसवंत लिफ्ट और दीवार के बीच में खून से लथपथ पड़ा था। जसवंत सिंह को सिडकुल के मेट्रो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मंगलवार सुबह जानकारी मिलने पर एसओ कमल मोहन भंडारी ने पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया कंपनी प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। मृतक का भाई भी इसी कंपनी की दूसरी यूनिट में कार्यरत है।
जिम्मेदारी समझते तो न जानी जान
कंपनी प्रबंधन को यदि अपनी जिम्मेदारी का अहसास होता तो शायद कर्मचारी की जान न जाती। दरअसल, सामान ढोने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल होता है। सामान उतारने और चढ़ाने की जिम्मेदारी में दूसरे कर्मचारी की तैनाती होती है या फिर सिक्योरिटी गार्ड तैनात होता है।
कंपनी ने इस तरह की व्यवस्था नहीं की हुई थी। एसओ कमल मोहन भंडारी की मानें तो लापरवाही कंपनी के स्तर पर हुई। उन्होंने कहा कि यदि मृतक का भाई लिखित में शिकायत देता है तो कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।