Joshimath Is Sinking: चारधाम यात्रा से पहले जोशीमठ में विस्थापन पर जोर, नई दिल्ली में हुई अहम बैठक
जोशीमठ को लेकर दिल्ली में आयोजित हुई बैठक में तकनीकी संस्थाओं की रिपोर्ट पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसके साथ ही चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले प्रभावितों को अलग-अलग स्थानों पर विस्थापित किए जाने पर जोर दिया गया।
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जोशीमठ भू-धंसाव के मामले में राज्य के साथ केंद्र सरकार भी लगातार सक्रिय है। शनिवार को इस संबंध में केंद्र सरकार के गृह सचिव ने एनडीएमए सहित तकनीकी संस्थाओं के विशेषज्ञों के साथ बैठक ली। बैठक में चारधाम यात्रा से पहले प्रभावितों को विस्थापित करने पर जोर दिया गया।
जोशीमठ के मामले में कई दिन से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की बैठक शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित किए जाने की चर्चा थी। संपर्क करने पर उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के अधिकारियों ने इस संबंध में अनभिज्ञता जताई है। लेकिन नई दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
सूत्रों के हवाले से बैठक में तकनीकी संस्थाओं की रिपोर्ट पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसके साथ चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले प्रभावितों को अलग-अलग स्थानों पर विस्थापित किए जाने पर जोर दिया गया। केंद्रीय गृह सचिव की ओर से जोशीमठ मेें तकनीकी संस्थाओं की ओर से अब तक की गई कार्रवाई और फिल्ड में जारी सर्वेक्षण कार्य के तहत भी अपडेट लिया गया।
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हालांकि इतनी महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) और उत्तराखंड सरकार के अन्य अधिकारियों केे शामिल न किया जाना भी कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि फाइनल रिपोर्ट को बाहर आने में अभी और वक्त लग सकता है।
संपर्क करने पर सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि उन्हें इस बैठक में शामिल होने के लिए कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ था। उन्होंने बैठक के होने या न होने पर भी अनभिज्ञता जताई।