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मूसलाधार बारिश से उत्तराखंड में लगी 'इमरजेंसी', देहरादून-सहारनपुर मार्ग में फटा बादल

Thu, 13 Jul 2017 09:08 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 13 Jul 2017 09:08 AM IST
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emergency in uttarakhand due to heavy rain
rain - फोटो : rajeev gupta/ amarujala

बुधवार को देहरादून में सुबह की शुरुआत जिस तेज बारिश के साथ हुई वह लगातार चार घंटों तक जारी रही। सुबह करीब सात बजे से शुरू हुई तेज बौछारें 12 बजे के बाद भी जारी रही।‌ जिससे देहरादून सहित आसपास के इलाकों में इमरजेंसी जैसे हालात पैदा हो गए हैं।

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Live Update:

भारी बारिश के दौरान बादल फटने से देहरादून-सहारनपुर मार्ग पर डाट काली मंदिर से तीन किलोमीटर आगे सड़क ध्वस्त हो गई। साथ ही यहां मलबा आने से देहरादून-सहारनपुर मार्ग बंद हो गया। इस रूट पर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। देहरादून मसूरी मार्ग कई स्थानों पर मलबा आने के कारण अवरुद्ध हो गया है। पुलिस तथा प्रशासन की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त चौकी सभावाला में आसन नदी का पानी घुस जाने के कारण चौकी परिसर की एक दीवार ढह गई है।
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मालदेवता से आगे सरखेत गांव का संपर्क मार्ग बारिश से टूट गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सड़क मार्ग बनाने की कोशिश कर रहे हैं। विकासनगर में आसन नदी में एक वन गुज्जर बह गया है। इस सूचना पर उपजिलाधिकारी विकासनगर और चौकी झाझरा से पुलिस फ़ोर्स रवाना हुई और झाझरा आडवाणी पुल के पास मौजूद एनडीअरएफ को भी साथ लिया गया। वहीं मलबा आने देहरादून-मसूरी मार्ग बंद हो गया है।। मार्ग खोलने में जेसीबी जुटी है।
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लगभग 2 किलोमीटर आगे परवल गांव के पास उक्त वन गुज्जर को रेस्क्यू कर किनारे लाया गया। एनडीआरएफ की टीम द्वारा उक्त व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दिया गया लेकिन व्यक्ति को बचा नहीं पाए। मृतक की पहचान कालू पुत्र रोशनदीन निवासी सभावाला थाना सहसपुर देहरादून के रूप में हुई। मृतक का शव चौकी नयागांव थाना पटेलनगर द्वारा पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है।

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए बृहस्पतिवार को देहरादून जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल बंद रहेंगे। जिलाधिकारी के आदेश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी ने निर्देश जारी किए हैं। देहरादून में भारी बारिश के चलते सड़कें तालाब बन गई हैं। कई सड़कों पर नदियां बहने जैसी स्थित है। कई सड़कें बंद हो गई हैं। कई इलाके में पानी में जलमग्न हो गए हैं। हरिद्वार रोड का ट्रैफिक रिंग रोड डायवर्ट करने से जाम लग गया। तरला नागल सहस्रधारा रोड पर पानी के तेज बहाव से आधी सड़क बह गई है। रायपुर के सिला, सरखेत, क्यारा समेत कई जगहों में बारिश से नाले ऊफान पर, रास्ते टूटे। स्कूलों में मलबा घुस गया मलबा।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले 24 घंटे भारी गुजर सकते हैं। नगर निगम के बदहाल इंतजाम होने के कारण लोगों का गुस्सा बढ़ गया है। जगह-जगह ड्रेनेज सिस्टम बंद होने से मुसीबत बढ़ गई है। कई जगहों पर नालियां बंद पड़ी हैं। ऐसे में पानी सड़कों  पर बह रहा है। 

देहरादून के रायपुर में एक बुजुर्ग के बहने की सूचना है। अजबपुर में रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया है। इससे ट्रेन रुक-रुककर चल रही है। सुभाषनगर में जलभराव हो गया है। कई घरों में पानी घुसा हुआ हैं। घंटाघर में बीएसएनएल ऑफिस के पास भी पानी भरने से मुसीबत खड़ी हो गई है। राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र में डांडीपुर नाला विकराल रूप में है।

बारिश से डीएवी रोड पर भी पानी भर गया है। शहर में कई घर जलमग्न हो गए हैं। बंजारावाला में बारिश का पानी बहने से लोग दहशत में हैं। लोग के घरों में भी बारिश का पानी भर गया है। बल्लुपुर फ्लाईओवर के पास हाईवे पर पेड़ गिर गया है। इससे ट्रैफिक जाम हो गया है। दून पांवटा साहिब हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। उधर, यमुना कालोनी में भी काफी पानी भर गया है। लोग दहशत में हैं। 

हरिद्वार रोड पर से सारा ट्रैफिक रिंग रोड पर डायवर्ट करने से जाम लग गया है। नेहरू कालोनी से लेकर जोगीवाला तक वाहन फंसे हुए हैं। उधर, रिस्पना नदी उफान पर है। अधोईवाला में रोड कट गई है। सुबह से लगातार बारिश हो रही है। सड़क नदी में बदल गई है। बहाव काफी तेज है और सड़क बीच बीच मे कई जगह से उखड़ने लगी है। रायपुर टाइप थ्री में मुख्य सड़क पर पानी भर गया है।

टीएचडीसी और नेहरू कालोनी, सुमन नगर में भी जलभराव से हाल बुरे हैं। तेज बारिश से पानी घरों में घुस गया है। सेलाकुई इंडस्ट्रियल एरिया में कई फैक्ट्रियों में पानी घुस गया है। कर्मचारी फैक्ट्रियों में फंसे हुए हैं। एमडीडीए की चंद्रनगर कालोनी में भी कई लोग घरों में कैद हो गए हैं। घरों में पानी भरने से लोग परेशान हैं। इसके अलावा उत्तरांचल प्रेस क्लब में पानी भरा है। 

श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर में काफी श्रद्धालु फंस गए हैं। जान जोखिम में डालकर यह नदी पार कर रहे हैं। मंदिर के पास एक विशाल बड़ का पेड़ सत्संग भवन के हिस्से पर गिर गया है। इससे वैष्णो देवी गुफा मंदिर और अन्य मंदिरों के रास्ता बंद हो गया है। नदी भयंकर उफान पर है।

अगले 24 घंटे भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी

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जनपद देहरादून में विभिन्न स्थानों पर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी नाले उफान पर आ गए हैं। जिसमें ऋषिकेश क्षेत्र में चंद्रभागा नदी, थाना डालनवाला/नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में रिस्पना नदी तथा थाना प्रेमनगर/ सहसपुर क्षेत्र में आसन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को पुलिस प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।

सभी क्षेत्रों में पुलिस बल तथा आपदा प्रबंधन की टीमों द्वारा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पोजीशन में रहने को कहा गया है। पुलिस/प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके अतिरिक्त थाना क्लेमेनटाउन क्षेत्र में आशारोड़ी तथा डाटकाली के बीच मलबा आ जाने के कारण दोनों तरफ सड़क पर जाम की स्थिति बनी हुई है।

पुलिस तथा प्रशासन की टीमों द्वारा मौके पर पहुंचकर मालवा हटाने का कार्य किया जा रहा है, साथ ही थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में 06 नंबर पुलिया में जलभराव के कारण जाम की स्थिति बनी हुई है, पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में बाईपास के पास सृष्टि बिहार में घरों में पानी घुसने की सूचना प्राप्त हुई है।

देहरादून के पुरकुल गांव में बाढ़ जैसे हालात हैं। यहां बरसाती नाला ऊफान पर आ गया है। देहरादून-मसूरी मार्ग पर आया मलबा। जान-जोखिम में डालकर लोग रास्ता पर कर रहे हैं। ऋषिकेश में रातभर से रिमझिम बरसात जारी। चंद्रभागा, खारास्रोत, सौंग नदी ऊफनाई। प्रशासन ने चंद्रभागा में झुग्गी झोपडिय़ां खाली कराई। 

सचिवालय परिसर में घुसा पानी। मुख्यमंत्री भवन के साथ पंचायती राज, उद्यान, आयुष शिक्षा, जलागम, कार्यक्रम क्रियांवयन के अनुभागों में पानी घुस गया है। काम काज ठप, शॉट सर्किट के डर से बिजली काट दी गई है। देहरादून में स्कूलों की छुट्टी न होने पर बच्चों और अभिभावकों को परेशानी झेलनी पड़ी ।  त्यागी रोड पर रेलवे फाटक के पास मलबा सड़क पर आया। तेज बारिश से आईएसबीटी स्थित एमडीडीए कॉलोनी में पानी भर गया है। संवेदनशील स्थित को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी हैं।

राजधानी में जलभराव को देखते हुए कई मार्गों पर आवाजाही बंद कर दी गई है। रायपुर स्थित सनराइज स्कूल में पानी में फंसे बच्चों को निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम रवाना कर दी गई है। आईएसबीटी से रिस्पना पुल को जोड़ने वाला मार्ग भी बंद कर दिया गया है। मार्ग पर पुलिस तैनात है। आवाजाही रोकने से मार्ग में जाम लग गया है। ‌बिंदाल और रिस्पना नदी के किनारें वाले रिहायशी इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्‍थान पर पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ की टीम पहुंच गई हैं।

ऋषिकेश में गंगोत्री हाईवे ढिकियारा के पास बंद हो गया है। मार्ग के दोनो तरफ कई यात्री व कांवडिये को वाहन फंस गए हैं। पहाड़ से लगातार गिर रहे पत्थरों से पैदल यात्री जान जोखिम मे डालकर मार्ग पार कर रहे हैं। कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन की तरफ से कोई अतिरिक्त इंतजाम नहीं है।
 

केदारनाथ यात्रियों को गौरीकुंड व सोनप्रयाग में रोका

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रुद्रप्रयाग जनपद में मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर केदारनाथ यात्रियों को गौरीकुंड व सोनप्रयाग में रोका हुआ है। वहीं गौरीकुंड हाईवे फाटा व मुनकुटिया में मलबा आने से बंद हो गया। पूरे जिले में हल्की बारिश हो रही है। चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे बंद होने व खुलने का सिलसिला जारी है। लामबगड़ के पास सड़क पर मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे सुबह बंद हो गया था, जिसे खोल दिया गया।

चमोली जिले के करीब 47 मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे देवप्रयाग के पास मूल्यागांव, तोताघाटी और ब्यासी के समीप कौडियाला में भूस्खलन से बंद हो गया था। इस मार्ग से मलबे को हटा दिया गया है। उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे संगलाई के पास काफी देर तक बंद रहा। यमुनोत्री हाईवे स्याना चट्टी और ओरछा बैंड के भूस्खलन से बंद हो गया। उत्तरकाशी में पांच संपर्क मार्ग भी बंद होने की सूचना है। टिहरी में ऋषिकेश गंगोत्री राजमार्ग पर खाड़ी से पहले बेमुंडा गदेरा उफान पर होने से यात्रियों को रास्ते पर ही रोका गया है। यहां पानी कम होने का इंतजार किया जा रहा है। पौड़ी जिले में हाईवे के बंद होने व खुलने का सिलसिला जारी है। इसके साथ ही करीब 20 संपर्क व ग्रामीण मार्ग बंद पड़े हैं। अवरुद्ध मार्गों को खोलने के लिए लोनिवि कार्य कर रहा है। 

चंपावत के पूर्णागिरी धाम में सिद्घमोड़ मे पहाड़ी दरकी, सड़क पर आया मलबा। दो दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। यहां बाटनागढ़ में भी मलबा आया है। हल्‍द्वानी के काठगोदाम के ब्युराखाम में हुआ भूस्खलन, पांच घरों में मलबा घुसा। छड़ालय के पास नाला ऊफान पर आने से कई जगह सड़क ध्वस्त हो गई। बाजपुर में बौर नदी के ऊफनाने से झाड़खंडी की नई बस्ती जलमग्न हो गई है। भारी बारिश के चलते काशीपुर का महाराणा प्रताप चौक तालाब में बदल गया है। नैनीताल जिले में पतलोट से खनस्यू, धानाचूली, गुलाब घाटी तक रोड बंद होने से दूध-अखबार जैसी जरूरी वस्तुएं बुधवार को नहीं पहुंच सके। हालांकि अब सड़क से मलबा हटा दिया गया है। इलाके में मंगलवार रात से बिजली गुल है। पहाड़ों से मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। नैनीताल में पिछले 24 घंटे में 218 एएम और हल्द्वानी में 175 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।

बारिश से हुए भूस्खलन के कारण जिले में सात मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। गौला नदी भी ऊफान पर है। नदी में 30 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है और प्रवाह बढ़ता ही जा रहा है। चंपावत जिले में सड़कें मलबे से पटी हुई हैं। जिले के 17 मार्ग बंद हैं। हालांकि टनकपुर चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारु बना हुआ है। बागेश्वर के कपकोट में एक पेयजल योजना ध्वस्त हो गई। जीआईसी को जाने वाला रास्ता टूट गया। नदियां उफान पर लेकिन स्थिति सामान्य बनी हुई है। ताजा बारिश में सबसे ज्यादा भूस्खलन की घटनाएं नैनीताल जिले में हुई हैं। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ में सड़कें छिटपुट बाधित रहने के अलावा कहीं से बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

बार‌िश के कारण बादल कभी भी तबाही मचा सकते हैं

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लगातार हो रही बार‌िश के कारण बादल कभी भी तबाही मचा सकते हैं। मौसम विभाग ने प्रदेशभर में अभी अगले 24 घंटे भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। 

आशंका के मुताबिक जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को सचेत रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई।

राजधानी में दिनभर बादल छाए रहे। कुछ जगहों पर हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश और बादल की वजह से राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान 27.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि सूबे में अभी अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बारिश की वजह से प्रदेशभर में भूस्खलन का खतरा बढ़ने के साथ ही कई जगहों पर सड़कें बंद होने का खतरा भी बढ़ गया है। 

बारिश के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने आपदा प्रबंधन और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। कहीं भी भारी जनहानि होने की आशंका है। बुधवार को प्रदेशभर में बादल छाए रहेंगे। राजधानी में भी बारिश होगी।

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