हाथी ने बस का शीशा तोड़कर लगाया बैक गियर, यात्रियों में मची चीख-पुकार, ऐसे बची सबकी जान
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हाथियों का उत्पात कम होने का नाम ले रहा है। मोहान रपटे के पास एक बार फिर सड़क पर आए हाथी के कारण रोडवेज बस में सवार 34 यात्रियों की जान पर बन आई। हाथी ने बस का शीशा तोड़ अंदर सूंड डालकर चालक को खींचने का प्रयास किया। सीट से हट जाने के कारण चालक तो बच गया लेकिन हाथी ने सूंड से गियर खींचा तो बैक गियर लग गया। इससे बस पीछे की ओर दस मीटर दूरी तक चली गई।
इस कारण यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। चालक ने तेजी से हैंडब्रेक लगाकर बस को रोका, तब लोगों की जान में जान आई। रोडवेज बस यूके-07पीए-3160 बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली से मानिला जा रही थी। तड़के चार बजे यह बस मोहान रपटे के पास पहुंची तो बीच सड़क पर हाथी को खड़ा देख चालक हरीश चंद्र ने बस रोक दी। परिचालक उत्तम सिंह ने यात्रियों से मौन रहने को कहा।
इसी बीच हाथी ने बस पर सूंड मारी तो बस के शीशे में क्रैक आ गया। हाथी ने बंपर समेत चालक की सीट पर बैक मिरर तोड़ डाला और फिर बस के अंदर सूंड डालकर चालक को खींचने का प्रयास किया। चालक झट से सीट से उठ गया तो सूंड की चपेट में आने से बच गया।
इसके बाद हाथी ने सूंड से स्टार्ट बस के गियर को खींच दिया। जिससे अनियंत्रित बस करीब दस मीटर पीछे की ओर चली गई। इससे सहमी सवारियों में चीख-पुकार मच गई। चालक ने हैंड ब्रेक लगाकर बमुश्किल बस रोकी। कुछ देर बाद हाथी साइड से आकर बस में खाने का सामान खोजने लगा। इसलिए चालक ने बस को दौड़ा दिया। मानिला से लौटने के बाद चालक ने वर्कशॉप में बस को ठीक करा स्टेशन प्रभारी नवीन आर्या, फोरमैन मोहम्मद यामीन को घटनाक्रम की जानकारी दी।
ट्रांसपोर्टरों ने बदला संचालन का समय
रामनगर से पहाड़ को अधिकतर सुबह के समय ही राशन और अन्य सामान जाता है, लेकिन हाथी के डर की वजह से ट्रांसपोर्टरों ने अपना समय बदल दिया है। अब तड़के जाने की बजाय वह सुबह सात बजे के बाद ही निकल रहे हैं, क्योंकि हाथी इस समय तक सड़क से हट जा रहा है और वाहन सुरक्षित निकल रहे हैं।