नियामक आयोग में सुनवाई: बिजली की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव, उपभोक्ताओं ने मांगी मुफ्त बिजली
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देहरादून में यूपीसीएल, पिटकुल, एसएलडीसी और यूजेवीएनएल ने प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। तीनों ने आयोग को 13.3 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। इस हिसाब से प्रदेश में औसतन 70 पैसे प्रति यूनिट दाम बढ़ाने का प्रस्ताव है। वहीं, उपभोक्ताओं ने दिल्ली की तर्ज पर 400 यूनिट मुफ्त बिजली की मांग की है।
राज्य विद्युत नियामक आयोग में शुक्रवार को बिजली टैरिफ निर्धारण को लेकर जन सुनवाई हुई। अपने प्रस्ताव में यूपीसीएल ने जहां प्रति यूनिट 7.70 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर ने 0.13 फीसदी और यूजेवीएनएल ने 5.32 फीसदी बढ़ाने को कहा है। पिटकुल ने 6.8 फीसदी टैरिफ की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है।
नियामक आयोग के अध्यक्ष डीपी गैरौला की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में उपभोक्ताओं ने कहा कि बिजली की दरों में बढ़ोतरी न हो, बल्कि दिल्ली की तर्ज पर 400 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाए। मांग की कि शहीदों के परिजनों को पूरे साल मुफ्त बिजली मुहैया कराई जाए।
मध्यम एवं लघु उद्योग के लिए सस्ती दरों पर बिजली मुहैया कराने की मांग भी उठाई। वहीं, प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन के सचिव ललित बुड़ाकोटी ने मत्स्यपालन की तर्ज पर डेयरी उद्योग को भी कृषि के दायरे में लाते हुए एक रुपये 95 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली आपूर्ति करने की मांग की।
इसके बाद यूपीसीएल प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बीपीएल उपभोक्ताओं से एक रुपये 90 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिल लेने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा प्रतिमाह 100 यूनिट बिजली इस्तेमाल करने वालों से तीन रुपये 26 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिल लेने को कहा। 101 यूनिट से अधिक बिजली का इस्तेमाल करने वालों से पांच रुपये 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिल वसूलने का प्रस्ताव दिया।
निजी ट्यूबवेलों के लिए एक रुपये 95 पैसे की जगह दो रुपये 15 पैसे प्रति यूनिट बिल लेने का प्रस्ताव दिया। इसके अलावा उद्योगों के लिए अलग-अलग दरें तय की हैं। इनमें मिश्रित भार 75 किलोवाट से अधिक सिंगल प्वाइंट बल्क सप्लाई की दरों में 0.65 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव करते हुए इसे 5.05 की जगह 5.70 रुपये प्रति यूनिट करने की सिफारिश की गई है।