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Electricity: सर्दियां बढ़ने के साथ घटने लगा बिजली उत्पादन, फिर बाजार से महंगी बिजली खरीदने को मजबूर यूपीसीएल

Wed, 23 Nov 2022 08:51 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 23 Nov 2022 08:51 AM IST
सार

राज्य और केंद्र की जल विद्युत परियोजनाओं से मिलने वाली बिजली की उपलब्धता अब 24 से 25 मिलियन यूनिट तक आ गई है जबकि धीरे-धीरे डिमांड बढ़ती जा रही है। यूपीसीएल का कहना है कि 12 से 15 मिलियन यूनिट बिजली की मांग बाजार से पूरी की जा रही है।

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Electricity production started decreasing as winter progressed UPCL hydropower projects Uttarakhand news
बिजली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में सर्दियां बढ़ने के साथ ही एक बार फिर बिजली का उत्पादन गिरना शुरू हो गया है। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) रोजाना बाजार से 12 से 15 मिलियन यूनिट बिजली खरीदने लगा है। दरअसल, प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं से सामान्य तौर पर 35 मिलियन यूनिट तक बिजली का उत्पादन होता है।

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इसके सापेक्ष बिजली की मांग 36 से 37 मिलियन यूनिट तक जाती है। राज्य और केंद्र की जल विद्युत परियोजनाओं से मिलने वाली बिजली की उपलब्धता अब 24 से 25 मिलियन यूनिट तक आ गई है जबकि धीरे-धीरे डिमांड बढ़ती जा रही है। लिहाजा, यूपीसीएल रोजाना बाजार से महंगे दाम पर 12 से 15 मिलियन यूनिट बिजली खरीदने को मजबूर हो रहा है।
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अभी बिजली कटौती नहीं
यूपीसीएल का कहना है कि 12 से 15 मिलियन यूनिट बिजली की मांग बाजार से पूरी की जा रही है। फिलहाल प्रदेश में कहीं भी बिजली कटौती नहीं की जा रही है। यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, बाजार में बिजली के दाम भी करीब पांच रुपये प्रति यूनिट है, लेकिन भविष्य में सभी राज्यों की डिमांड बढ़ने के साथ ही एनर्जी एक्सचेंज में दाम बढ़ने की संभावना है। 

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बिजली खरीदने से यूपीसीएल पर आर्थिक बोझ
प्रदेश में बिजली किल्लत से करीब एक साल से यूपीसीएल लगातार जूझ रहा है। एक अप्रैल से नया टैरिफ जारी हुआ, लेकिन इससे भरपाई न होने के चलते यूपीसीएल ने नियामक आयोग में पुनर्विचार याचिका दायर की। इसके बाद आयोग ने सरचार्ज बढ़ोतरी मानते हुए कुछ राहत दी। यूपीसीएल प्रबंधन का कहना है कि बाजार से जिस दाम पर बिजली खरीदी जा रही है और उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जा रही है, वह काफी चुनौतीपूर्ण और आर्थिक तौर पर हानिकारक साबित हो रहा है।

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