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‘बिजली’ ने उड़ाई थी पहाड़ की बिजली
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 02 Jun 2014 08:44 PM IST
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पहाड़ के चार जिले रविवार को हाईटेंशन लाइन पर हुए वज्रपात के बाद 36 घंटे तक अंधेरे में रहे। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन आफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) और उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को फाल्ट तलाशने में ही 12 घंटे से अधिक का वक्त लग गया। मरम्मत के बाद सोमवार शाम करीब 04:30 बजे आपूर्ति सुचारु की जा सकी।
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रविवार सुबह पांच बजे बदरीनाथ हाईवे पर ऋषिकेश से आगे शिवपुरी और देवप्रयाग (दोनों जगह) में पिटकुल की हाईटेंशन लाइन पर अलग-अलग वज्रपात हुआ।
दिनभर फाल्ट तलाशते रहे
इससे लाइन के जंपर टूट गए और पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली व टिहरी के कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति ठप हो गई। पिटकुल और यूपीसीएल के इंजीनियर रविवार दिनभर लाइन पर फाल्ट तलाशते रहे। शाम करीब पांच बजे दोनों जगह फाल्ट का पता चला।
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सोमवार सुबह ऊर्जा निगम मुख्यालय से भी इंजीनियरों को मौके पर भेजा गया। शाम करीब चार बजे लाइन की मरम्मत का काम पूरा किया जा सका। इसके बाद करीब 36 घंटे बाद 04:30 बजे आपूर्ति सुचारु की गई।
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इस बीच उपभोक्ता बिजली आपूर्ति बहाल होने के बारे में कंट्रोल रूम और अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ऊर्जा निगम प्रवक्ता मधुसूदन ने वज्रपात की वजह से फाल्ट आने की पुष्टि की।
यहां रही बत्ती गुल
देवप्रयाग, कीर्तिनगर, श्रीनगर, चौरास, रुद्रप्रयाग, गौचर, कर्णप्रयाग, गोपेश्वर, ऊखीमठ, गुप्तकाशी आदि बाजार और इससे सटे सैकड़ों गांवों में उपभोक्ता परेशान रहे। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में वैकल्पिक व्यवस्था की गई।