ElectricityUttarakhand: 2032 तक बढ़ेगी सात हजार मेगावाट बिजली खपत, उत्पादन 1900 मेगावाट बढ़ेगा
प्रदेश में बिजली की मांग सालाना 3.7 से 5.6 प्रतिशत तक बढ़ रही है। इस साल जून में नया रिकॉर्ड बना। एक माह के भीतर मांग 2635 मेगावाट पहुंची।
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प्रदेश में वर्ष 2032 तक बिजली की मांग 18 हजार मेगावाट से बढ़कर 25 हजार मेगावाट सालाना तक पहुंच जाएगी। जिसके सापेक्ष उपलब्धता में करीब 1900 मेगावाट की बढ़ोतरी होगी। उधर, इस साल जून माह में बिजली की मांग ने 2635 मेगावाट का रिकॉर्ड बनाया है।
केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021-22 में राज्य में बिजली की मांग 15541 मेगावाट थी, जो कि इस साल 18087 मेगावाट आंकी गई है। आयोग ने 2028-29 में मांग 22374 मेगावाट, 2031-32 तक मांग 25524 मेगावाट अनुमानित की है। इस हिसाब से उत्पादन पर नजर डालें तो करीब 1900 मेगावाट उत्पादन ही बढ़ेगा।
यानी आगामी सात साल में मांग में करीब 7000 मेगावाट की बढ़ोतरी होगी और उपलब्धता में 1900 मेगावाट की। इस साल हाइड्रो से 27 मेगावाट, टीएचडीसी के पंप स्टोरेज प्लांट से 200 मेगावट और आरटीसी से 100 मेगावाट मिलाकर 327 मेगावाट बिजली बढ़ेगी।
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अगले साल 305.8, 2026 में छह मेगावाट, 2027 में 117 मेगावाट, 2028 में 90, 2029 में 336, 2030 में 539, 2031 में कोई नहीं और 2032 में 20 मेगावाट उत्पादन मिलाकर कुल 1941 मेगावाट बिजली उत्पादन बढ़ेगा। उधर, यूपीसीएल इस कमी को पूरा करने के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट से 1454 मेगावाट बिजली जुटाएगा।