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हरिद्वारः बिजली से चलने वाली ट्रेन का संचालन शुरू

Tue, 20 Oct 2015 02:00 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार Updated Tue, 20 Oct 2015 02:00 PM IST
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electric train arrives in haridwar.

हरिद्वार में बिजली से चलने वाली ट्रेन का संचालन सोमवार से शुरू हो गया है। अमृतसर-हरिद्वार के बीच चलने वाली जनशताब्दी बिजली के इंजन से चलकर हरिद्वार पहुंची और नियत समय से लौट भी गई।

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हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर दोपहर दो बजे अमृतसर-हरिद्वार के बीच चलने वाली जनशताब्दी बिजली के इंजन से चलकर पहुंची। इंजन मुरादाबाद मंडल के कनिष्ठ मंडल अभियंता एचके सिंह सहित दो पायलट लेकर पहुंचे। ट्रेन के रुकने पर स्टेशन पर तैनात सभी कर्मचारी अधिकारियों में खुशी छा गई। इनका स्वागत स्टेशन अधीक्षक एमके सिंह ने किया।
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एमके सिंह ने बताया कि जनशताब्दी 12054-53 डीजल से चलती थी, लेकिन सोमवार से इस ट्रेन का संचालन पूरी तरह से बिजली से कर दिया गया है। इससे ट्रेनों का खर्च कम हो जाएगा।
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एमके सिंह ने बताया कि दिल्ली-मेरठ रूट के अलावा गंगानगर-अंबाला और मुरादाबाद रूट की ट्रेनों का भी बिजली से संचालन हो होगा। इसके लिए प्रस्ताव चल रहा है। मंडल अधिकारियों की ओर से दिशा-निर्देश जारी होते ही संचालन शुरू हो जाएगा।

यह है ट्रेन का समय
स्टेशन अधीक्षक एमके सिंह ने बताया कि जनशताब्दी का हरिद्वार स्टेशन पर आने का समय दोपहर 1.45 बजे है, जबकि जाने का समय दोपहर में 2.30 बजे का है।

दून तक इलेक्ट्रिक ट्रेन पहुंचाने की चुनौती
हरिद्वार के बाद अब रेलवे के सामने इलेक्ट्रिक ट्रेन को दून पहुंचाना बड़ी चुनौती है। वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिल पाने से इस पर अड़ंगा लगा हुआ है। रेल अधिकारियों की शासन से वार्ता चल रही है। कई वर्षों की कसरत के बाद रेलवे ने लक्सर-हरिद्वार ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन किया है।

अभी हरिद्वार जिले के लक्सर जंक्शन तक ही इलेक्ट्रिक ट्रेन आ पाती थी। रेलवे की योजना दून तक इलेक्ट्रिक ट्रेन पहुंचाने की है। इसके लिए हरिद्वार-दून रेलवे ट्रैक पर काम भी शुरू हो चुका है। रायवाला तक इलेक्ट्रिक लाइन के पोल लग चुके हैं।
डोईवाला, हर्रावाला के अलावा दून स्टेशन पर भी कार्य प्रगति पर है, लेकिन रायवाला और डोईवाला के बीच कांसरो के घने जंगल में राज्य सरकार के वन महकमे की ओर से अनापत्ति नहीं मिलने से इस क्षेत्र में इलेक्ट्रिफिकेशन का काम नहीं हो पा रहा है।


इलेक्ट्रिफिकेशन के फायदे
अभी दून से विभिन्न रूटों पर जाने वाली ट्रेनों में लक्सर और मुरादाबाद में डीजल इंजन को बदलकर इलेक्ट्रिक इंजन लगाना पड़ता है। दून से ही इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन होने पर इंजन बदलने में लगने वाला समय और श्रम बचेगा। डीजल से होने वाला वायु प्रदूषण रुकेगा। डीजल के मुकाबले इलेक्ट्रिक इंजन के संचालन में खर्च कम लगेगा।

रेलवे प्रशासन को प्रदेश सरकार से इस बारे में मजबूती से पैरवी करनी चाहिए। इससे सभी का फायदा होगा।
- उग्रसेन सिंह, ब्रांच सेक्रेटरी, नार्दर्न रेलवे मैंस यूनियन

रेलवे दून तक इलेक्ट्रिक ट्रेन ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। फारेस्ट क्लीयरेंस मिलने में अड़चन आ रही है। इसके लिए उत्तराखंड शासन से वार्ता चल रही है।
- नीरज शर्मा, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे

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