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सोमवार से थम जाएंगे सिटी बसों के पहिए, सिटी बस संचालकों ने किया आंदोलन का ऐलान
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देहरादून। टैक्स व इंश्योरेंस माफ नहीं करने से नाराज देहरादून महानगर सिटी बस सेवा महासंघ ने दो अगस्त से बसों का संचालन ठप करने का ऐलान किया है। साथ ही आरटीओ में बसें खड़ी करने और परमिट सरेंडर करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में परिवहन मंत्री, सचिव परिवहन, परिवहन आयुक्त, गढ़वाल कमिश्नर एवं संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) को ज्ञापन भेजा गया है।
बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजयवर्धन डंडरियाल का कहना है कि ठेका वाहनों के नियम विरुद्ध संचालन से सिटी बस वाहन संचालकों का रोजगार समाप्त हो चुका है। सिटी बस योजना के अंतर्गत विक्रम का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों में करना था। जबकि परिवहन विभाग इसका पालन नहीं करा रहा है। विक्रम के नियम विरुद्ध राजधानी में संचालन से सिटी बस संचालकों का कारोबार चौपट है। वहीं ई-रिक्शा का संचालन भी देहरादून शहर के मुख्य मार्गों पर हो रहा है। राज्य सरकार के नोटिफिकेशन द्वारा शहर के मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा चलने पर रोक लगाई गई है, लेकिन पुलिस एवं परिवहन विभाग की अधिकारियों की मिलीभगत से ई-रिक्शा का संचालन राजधानी के मुख्य मार्गों पर धड़ल्ले से हो रहा है। इलेक्ट्रिक बस के सिटी बस मार्गों पर संचालन करने एवं सिटी बसों के बराबर किराया रखने से भी सिटी बस संचालकों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा कोरोना संकट के चलते गंभीर आर्थिक नुकसान हुआ। इसकी अभी तक भरपाई नहीं हो पाई है। इन सभी समस्याओं को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में आंदोलन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
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बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजयवर्धन डंडरियाल का कहना है कि ठेका वाहनों के नियम विरुद्ध संचालन से सिटी बस वाहन संचालकों का रोजगार समाप्त हो चुका है। सिटी बस योजना के अंतर्गत विक्रम का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों में करना था। जबकि परिवहन विभाग इसका पालन नहीं करा रहा है। विक्रम के नियम विरुद्ध राजधानी में संचालन से सिटी बस संचालकों का कारोबार चौपट है। वहीं ई-रिक्शा का संचालन भी देहरादून शहर के मुख्य मार्गों पर हो रहा है। राज्य सरकार के नोटिफिकेशन द्वारा शहर के मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा चलने पर रोक लगाई गई है, लेकिन पुलिस एवं परिवहन विभाग की अधिकारियों की मिलीभगत से ई-रिक्शा का संचालन राजधानी के मुख्य मार्गों पर धड़ल्ले से हो रहा है। इलेक्ट्रिक बस के सिटी बस मार्गों पर संचालन करने एवं सिटी बसों के बराबर किराया रखने से भी सिटी बस संचालकों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा कोरोना संकट के चलते गंभीर आर्थिक नुकसान हुआ। इसकी अभी तक भरपाई नहीं हो पाई है। इन सभी समस्याओं को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में आंदोलन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
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