शादी-ब्याह में गए तो खर्चा नेताजी के खाते में
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केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों पर एक और प्रतिबंध लगा दिया। चुनाव लड़ने वाले नेताजी अब किसी शादी ब्याह या अन्य किसी सामाजिक कार्यक्रम में शिरकत नहीं करेंगे। यदि उन्होंने ऐसा किया तो संबंधित आयोजन का खर्च नेताजी के खाते में दर्ज हो जाएगा।
मार्च, अप्रैल व मई माह में शादियां खूब है। इसलिए आयोग ने यह पाया कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी अक्सर शादी व सामाजिक आयोजनों में जाते हैं और वहां पर मतदाताओं को लुभाने का काम करते हैं।
इसलिए किसी शादी ब्याह, सामाजिक व सामूहिक भोज, किसी धार्मिक स्थल पर आयोजित भंडारे में शिरकत की तो भोजन आदि का सारा खर्चा नेताजी के खाते में जुड़ जाएगा।
निर्वाचन अधिकारी ने जारी किए सर्कुलर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों को सर्कुलर जारी कर दिया है। स्पष्ट बताया गया है कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन से इतर यदि घोषित होने केबाद किसी प्रत्याशी ने शादी ब्याह में शिरकत की तो मुश्किल होगी।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने बताया कि इस व्यवस्था से सभी को अवगत भी करा दिया है। सभी जिलाधिकारियों को प्रत्याशियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने को कहा है। विभिन्न मुद्दों पर केंद्रीय निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन आचार संहिता का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।
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इन अधिकारियों में बीके संत, आशीष जोशी, अशोक कुमार व विजय ढौंडियाल शामिल हैं। बाकी की ट्रेनिंग बाद में होगी।