थमा प्रचार, हो जाइए मतदान के लिए तैयार
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उत्तराखंड में सात मई को प्रदेश की पांच लोकसभा सीटों के लिए मतदान होना है। निर्वाचन आयोग ने तैयारी पूरी कर ली है और आयोग की आचार संहिता के मुताबिक सोमवार की शाम पांच बजे चुनाव प्रचार भी थम गया।
सीईओ राधा रतूड़ी ने बताया कि पांच संसदीय सीटों के लिए 10094 बूथों पर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए 48122 कर्मी तैनात किए गए हैं। कुल 11484 पीठासीन अधिकारी व 36638 मतदान अधिकारी के अलावा 711 माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए है।
सीईओ ने बताया कि शांतिपूर्वक चुनाव कराने के लिए पुलिस के 79 राजपत्रित अधिकारी, 122 निरीक्षक, 759 उप-निरीक्षक, 1531 हैड कांस्टेबल, 11225 कांस्टेबल, 11245 होमगार्ड व 5409 ग्राम प्रहरी/चौकीदार/वनरक्षक सुरक्षा ड्यूटी में तैनात किए गए है।
21 कंपनी पीएसी व सेन्ट्रल पुलिस बलों की 56 कंपनी तैनात की गई है। निर्वाचन में 3258 हल्के वाहन व 3029 भारी वाहन लगाए गए हैं।
189 जोन में बांटा गया है प्रदेश
सीईओ राधा रतूड़ी ने बताया कि लोकसभा के लिए प्रदेश को कुल 189 जोन व 1025 सेक्टर में विभक्त किया गया है। इनमें 34 जोन व 200 सेक्टर संवेदनशील श्रेणी में शामिल किए हैं।
10094 में 1991 मतदेय स्थल संवेदनशील व 1079 अतिसंवेदनशील हैं। कुल 7471 मतदान केंद्रों पर 1208 मतदान केंद्र संवेदनशील है व 481 अतिसंवेदनशील हैं।
प्रदेश के 9225 पोलिंग बूथों पर ‘प्रवेश’ एवं ‘निकास’ के लिए अलग-अलग द्वार बने हैं। 7288 मतदेय स्थलों पर रैम्प की सुविधा दी गई है।
सीईओ ने किया मतदाताओं का आहवान
सीईओ राधा रतूड़ी ने प्रदेश के मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है। उन्होंने आहवान किया कि ज्यादा से ज्यादा लोग घरों से निकलकर वोट डाले।
उन्होंने कहा कि देश की मजबूती के लिए मतदान ही सबसे बड़ा दान है। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि राष्ट्र की मजबूती के लिए वोट डाले।
इसी वजह से सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों, शैक्षिक संस्थानों में मतदान के दिए अवकाश घोषित किया गया है। सीईओ ने कहा कि मतदान का बहिष्कार समस्या का समाधान नहीं है। बेहतर यह होगा कि मतदाता अपनी पसंद के प्रतिनिधि का चुनाव करें।