चुनाव 2022: मनीष सिसोदिया ने व्यापारियों से किया संवाद, बोले- आप की सरकार बनाइए, आपकी समस्याएं हम हल करेंगे
Uttarakhand Election 2022 News: मनीष सिसोदिया ने कहा कि हम आने वाले चुनाव से पहले इस बात की संभावनाएं तलाश रहे हैं कि अगर आप की सरकार बनी तो उसमें व्यापारियों की भूमिका क्या होगी।
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दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया मंगलवार को देहरादून में व्यापारियों से रूबरू हुए। उन्होंने बताया कि किस तरह से दिल्ली में व्यापारियों के सुझाव से बेहतर सरकार चल रही है और कैसे 30 हजार करोड़ का बजट अब 70 हजार करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने व्यापारियों से कहा कि ‘आप की सरकार लाएं, हम आपकी समस्याओं को दूर करेंगे।’
मंगलवार को सुभाष रोड स्थित होटल में आयोजित देवभूमि बिजनेस डायलॉग कार्यक्रम में आप के सीएम प्रत्याशी कर्नल अजय कोठियाल (सेनि) ने कहा कि निश्चित तौर पर दिल्ली के विकास का मॉडल आज पूरे देश में फॉलो किया जा रहा है। हम उत्तराखंड में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास का मजबूत मॉडल लाने को आशान्वित हैं। इसके बाद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में एक आदमी पर करीब 35 हजार रुपये खर्च होते हैं। जबकि उत्तराखंड का बजट एक आदमी पर 50 हजार रुपये है। उत्तराखंड का सालाना बजट 58 हजार करोड़ और आबादी एक करोड़ 15 लाख है, जबकि दिल्ली का बजट 69 हजार करोड़ और आबादी दो करोड़ है।
उन्होंने कहा कि वह वित्तीय कार्यों के सरलीकरण पर बात करेंगे। व्यापार करने वाला व्यापारी खुद की और प्रदेश की तरक्की में महत्वपूर्ण योगदान रखता है। दिल्ली के आर्थिक हालातों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि, केजरीवाल सरकार ने दो सिद्धांतो पर फोकस किया। पहला व्यापारी को ही व्यापार करना चाहिए, दूसरा सरकार को इस तामझाम में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हमारी सरकार बनती है तो दिल्ली की तर्ज पर उत्तराखंड में भी कर विभाग की ओर से रेड का प्रचलन पूर्णतया बंद किया जाएगा।
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रिश्वत लेने वाले 29 अधिकारियों पर कार्रवाई
सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में रिश्वत मांगने वाले 29 अधिकारियों के खिलाफ उनकी सरकार ने एक्शन लिया। दिल्ली के व्यापारियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया। दोषी मिलने पर सरकार ने कई अधिकारियों को आड़े हाथ लिया। ऐसे में व्यापारियों को काफी सहूलियतें मिलीं। उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली में व्यापारियों को विश्वास में लेकर टैक्स कम किया, जिससे सभी लोगों पर इसका बोझ कम हुआ और सभी लोग बराबर अपना टैक्स भरने लगे। हमने सामान पर साढ़े 12 प्रतिशत का टैक्स घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया।
हमें चंदा नहीं, आपका साथ चाहिए, बिजली मुफ्त देंगे
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि वह व्यापारियों से चंदा लेने नहीं आते, हमें आपका साथ चाहिए। हम वो नेता नहीं, जो पहले चंदा लेते हैं, फिर टैक्स भी वसूलते हैं। हम चंदा नहीं मांगेंगे और टैक्स पर भी राहत देंगे। उन्होंने कहा कि आज उनकी सरकार दिल्ली में छात्रों को बिजनेसमैन बनाने पर काम कर रही है। छात्रों के 51 हजार बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि दिल्ली में आने वाले 25 वर्षों में सिंगापुर की तर्ज पर दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय को सिंगापुर की प्रति व्यक्ति आय के बराबर कर देंगे। उन्होंने कहा कि वह व्यापारियों को बिजली मुफ्त देंगे।
सड़क मार्ग से उत्तरकाशी रवाना हुए मनीष
देहरादून में व्यापारियों से संवाद करने के बाद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सड़क मार्ग से उत्तरकाशी के लिए रवाना हो गए। वह यहां कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ ही रोड शो और जनसभा भी करेंगे।
कई लोगों ने ली आप की सदस्यता
मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में संत रविदास गुरुकुल ट्रस्ट के प्रबंधक महाराज मेघराजदास समेत सैकड़ों लोगों ने आप की सदस्यता ली। महाराज एससी, एसटी समाज के प्रमुख संतों में हैं, जो अपने आश्रम के अलावा दो इंटर कॉलेज चलाते हैं। उनके साथ राज श्री, संजय सैनी, ईश्वर चंद, रेखा, ताराचंद ने भी सदस्यता ली।
सबसे बड़ी पीड़ा सरकारी दफ्तर की खिड़कियां
उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि आज व्यापारियों की सबसे बड़ी पीड़ा सरकारी दफ्तरों की खिड़कियां हैं। उन्होंने कहा कि इससे दलाल राज बढ़ता है। हमने 135 विभागों की यह खिड़कियां बंद कर व्यापारियों के घर तक ही अधिकारियों के पहुंचने की सरल प्रक्रिया शुरू की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की ग्रोथ आज 11 से 12 प्रतिशत है, जबकि उत्तराखंड की केवल पांच प्रतिशत है। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय तीन लाख 54 हजार है जबकि उत्तराखंड में यह दो लाख है। उन्होंने यह भी कहा कि बेरोजगारी की समस्या का समाधान व्यापारियों के पास है। उनका व्यापार बढ़ेगा तो रोजगार भी बढ़ेगा। कहा कि दिल्ली में तमाम बंदिशों के बावजूद इतनी तरक्की हुई है तो उत्तराखंड में इसकी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में उन्होंने व्यापारियों के लिए 454 तरह के शपथ पत्र बंद किए हैं।